मतदाता पुनरीक्षण कार्य (SIR) में नाम कटवाने के लिए भाजपा के बीएलए के नाम से फर्जी आपत्तियां लगवाने का मामला सामने आया है। अजमेर शहर कांग्रेस ने इसका मंगलवार को खुलासा किया। बीएलए ने भी लिखित में दिया कि आपत्तियां फर्जी है। ऐसे में कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि मोदी सरकार किस तरीके से वोटो की चोरी कर रही उसके सबूत उनके खुद बीएलए हैं। भाजपा को प्रशासन की ओर से भी सहयोग किया जा रहा है। इस मामले में अगर जल्द जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है, तो कांग्रेस की ओर से कोर्ट के जरिए मुकदमा दर्ज करवाने के कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को इसकी जानकारी कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ और शहर अध्यक्ष डॉ.राजकुमार जयपाल की ओर से दी गई। कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ ने कहा कि SIR को लेकर राहुल गांधी लगातार पिछले वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं। मोदी सरकार भी वोट चोरी से बनी है। अजमेर में भी इसी तरह SIR को लेकर कई गड़बड़ियां सामने आई है। राठौड़ ने कहा कि बीजेपी के खुद बीएलए कह रहे हैं कि जो यह ऑब्जेक्शन हुए इसमें उनके हस्ताक्षर नहीं है। बूथ नंबर 72 से राधेश्याम बंजारा भाजपा के बीएलए है। बंजारा ने खुद लिखित में दिया कि उनके नाम से फार्म 7 जो बीएलओ को उपलब्ध करवाए गए उस पर उनके हस्ताक्षर नहीं है। इसके साथ ही उनके पास कोई फार्म भी नहीं पहुंचे थे। इससे बड़ा बीजेपी के खिलाफ कोई सबूत नहीं हो सकता है। इससे साफ जाहिर होता है कि मोदी और भजनलाल सरकार चुनाव में किस तरीके से वोटो की चोरी कर रहे हैं। इसके अलावा कई और बीएलए की ओर से लिखित में दिया गया है। इससे बड़ा प्रमाण फर्जीवाड़े का कुछ नहीं हो सकता। बीएलए को मीडिया के सामने रूबरू किया और बीएलओ के स्क्रीनशॉट जारी किए कांग्रेस की ओर से वार्ड 72 से भाजपा के बीएलए राधेश्याम बंजारा को प्रेस कांफ्रेंस के बीच मीडिया के सामने रूबरू किया गया। इस दौरान ब्लोधेश्याम बंजारा ने कहा कि उसके पास फॉर्म नहीं पहुंचे थे। बला तक पहुंच गए फॉर्म में उसके हस्ताक्षर नहीं है। बीएन ने कहा कि वह हिंदी में हस्ताक्षर करता है और फार्म पर इंग्लिश में कर रखे हैं। किसने उसके नाम से हस्ताक्षर किए उसे इसकी जानकारी नहीं है। वहीं कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ की ओर से प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कई स्क्रीनशॉट जारी किए गए। जिसमें उन्होंने कहा कि SIR को लेकर बीएलओ का प्रशासन की ओर से एक ग्रुप व्हाट्सएप पर बनाया गया था। जिसमें बीएलओ खुद फर्जीवाड़ी के आरोप लगा रहे हैं। जिससे सब जाहिर होता है कि SIR में पूरी तरीके से फर्जीवाड़ा कर नाम काटने का काम किया जा रहा है।


