सिरोही में भाजपा कार्यकर्ताओं और राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने संविधान दिवस के अवसर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद किया। एलआईसी सर्किल स्थित डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह कार्यक्रम संविधान दिवस की 76वीं वर्षगांठ पर आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि भारत में हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को हमारे संविधान को स्वीकार किया था, जिसे दो महीने बाद 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में लागू किया गया। देवासी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को याद करते हुए बताया कि उन्होंने मात्र दो वर्ष, 11 माह और 18 दिनों में भारत के संविधान की रचना की थी। उन्होंने 26 नवंबर 1949 को इसे तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को समर्पित किया था। उन्होंने जोर दिया कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में बना हमारा संविधान आज तक सर्वोपरि माना जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में पहली बार इस दिन को मनाए जाने की शुरुआत की थी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को एक अधिसूचना जारी कर हर साल 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ के तौर पर मनाने की घोषणा की थी। देवासी ने कहा कि यह दिन हमें उन दूरदर्शी नेताओं की याद दिलाता है, जिन्होंने हमारे गणतंत्र की नींव रखी और हमें ऐसे मूल्य सौंपे जो हमारी राष्ट्रीय यात्रा को दिशा देते हैं। उन्होंने न्याय और समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने और बाबा साहेब अंबेडकर के देखे गए भविष्य को साकार करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित, वरिष्ठ कार्यकर्ता बाबूलाल सगरवंशी, प्रधान हसमुख मेघवाल, मुख्य संगठक मोहन लाल माली और बीएमएस जिलाध्यक्ष सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।


