साइबर ठगों से 21KG चांदी, 21 लाख कैश बरामद:म्यूल अकाउंट्स को खरीदने-बेचने का काम करते थे, 50 हजार में बेचते थे एक व्यक्ति की किट

श्रीगंगानगर की जवाहरनगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 21 लाख कैश, 21 किलो 500 ग्राम चांदी, दो बड़ी क्रेटा लग्जरी गाड़ियां बरामद की गई है। इसके साथ ही 90 चेकबुक, 13 बैंक पासबुक, 64 एटीएम कार्ड, 44 एक्टिव सिम कार्ड, लोगों के आधार, पैन व जन आधार कार्ड, 12 रबर स्टाम्प मोहरे, 23 बिल बुक, लैपटॉप, फर्जी कंपनियों के जीएसटी नंबर व डॉक्यूमेंट बरामद हुए हैं। आरोपियों का बड़ा नेटवर्क है जो लोगों को झांसे में लेकर साइबर ठगी करते थे। बुधवार को एसपी अमृता दुहन ने एसपी ऑफिस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान चंद्र कुमार (29), संदीप चौहान (25) व दीपक (25) के रूप में हुई है। तीनों बदमाश श्रीगंगानगर शहर के रहने वाले हैं। 50 हजार में बेचते थे बैंक किट एसपी ने बताया- आरोपी बैंक अकाउंट को खरीदने और बेचने का काम करते थे, जिससे उन्हें बड़ा प्रॉफिट होता था। पूछताछ में सामने आया कि इनका साइबर ठगी करने वाला बड़ा नेटवर्क है। आरोपी गरीब लोगों को ढूंढकर उनके एटीएम कार्ड, पासबुक, आधार कार्ड, चेकबुक और एक्टिव सिम कार्ड ले लेते थे। जिसके बाद उनके किट बनाकर बड़े साइबर ठगों को प्रोवाइड कराते थे। फिर वह ठग बड़े स्तर पर इन गरीबों के बैंक एकाउंट्स में साइबर ठगी के पैसे का लेनदेन करते थे। आरोपी एक व्यक्ति की किट 50 हजार में बेचते थे। लोगों को दो-तीन हजार का प्रलोभन देकर उनके डॉक्यूमेंट ले लिए जाते थे और उनके नाम से सिम एक्टिव करवा ली जाती थी। होल्ड रुपए निकलवाने के लिए फर्जी मोहरे बनवा रखी थी एसपी ने बताया- प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने कुछ बड़े एकाउंट्स के साथ साइबर फ्रॉड भी किया था। जिनके बैंक अकाउंट्स बैंक ने होल्ड कर दिए थे। इन बैंक अकाउंट्स को होल्ड में से निकलवाने के लिए आरोपियों ने फर्जी मोहर, जीएसटी नंबर और कई प्राइवेट कंपनियों की लेटर पैड बनवा रखी थी। आरोपी फर्जी लेटर पैड बनाकर बैंक में जाते और होल्ड हुए अकाउंट को एक्टिवेट करवा लेते। इसके बाद वह बैंक द्वारा होल्ड किए गए पैसे आसानी से निकलवा लेते। बार-बार फिंगर प्रिंट लगवाता है एजेंट एसपी ने बताया- पिछले कुछ समय से साउथ ईस्ट कंट्री में भारत के सिम एक्टिवेट हो रहे हैं। जिनके माध्यम से हमारे देश में साइबर फ्रॉड हो रहा है। इस मामले में श्रीगंगानगर में एक मुकदमा एयरटेल कंपनी ने दर्ज कराया, जबकि दो मुकदमे पुलिस ने खुद दर्ज किए हैं। एक मुकदमा घड़साना में और एक मटीली राठान में दर्ज हुआ था। एसपी ने बताया कि जब भी कोई कस्टमर किसी भी कंपनी की सिम लेने जाता है तो एजेंट वेरिफिकेशन के लिए बार-बार ओटीपी और फिंगरप्रिंट लगवाता है। इसके बाद एक बार ही में कई सिम एक्टिवेट हो जाती है। कस्टमर को सिर्फ एक ही सिम दी जाती थी और बाकी सिम में अर्जेंट खुद एक्टिवेट कर इन्हें आगे भेज देते थे। जिसके बाद साइबर ठग इन एक्टिवेट साइमन से देश भर में साइबर थकी करते थे। बिहार पुलिस पकड़े गए आरोपियों से जनता से पूछताछ कर रही है। आरोपियों से और भी कई बड़े कुलसी होने की संभावना है। पुलिस कड़ी से कड़ी जोड़कर साइबर ठगी करने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार कर लेगी।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *