भाजपा विधायक सिद्धि कुमारी को झटका:पूर्व राजपरिवार से जुड़े मामले में देवस्थान विभाग ने अपना ही फैसला बदला

बीकानेर के पूर्व राजघराने के संपत्ति विवाद को लेकर बीकानेर पूर्व की विधायक सिद्धि कुमारी को बड़ा झटका लगा है। कुछ समय पूर्व देवस्थान विभाग ने भाजपा विधायक सिद्धि कुमारी के पक्ष में फैसला दिया था लेकिन अब उसी देवस्थान विभाग ने अपने ही फैसले को पलट दिया है। जिससे एक बार फिर राज्यश्री कुमारी के प्रभाव वाले ट्रस्ट को मजबूती मिल गई है। देवस्थान विभाग ने पिछले दिनों दिए अपने एक आदेश में मुम्बई हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए लिखा है कि राज्यश्री कुमारी उक्त परिवार की वरिष्ठतम सदस है। ट्रेस्ट में मौजूदा राज्यश्री कुमारी, मधुलिका कुमारी, रीमा हुजा एवं हनुवंत सिंह वर्किंग ट्रस्टी व सिद्धि कुमारी पंजीबद्ध ट्रस्टी देवस्थान विभाग में दर्ज है। उनके द्वारा सिद्धि कुमारी ट्रस्टी पद से हटाये जाने का प्रस्ताव बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की मीटिंग में पारित रिकार्ड पर है। परंतु इस तथ्य को इग्नोर कर देवस्थान विभाग के अधीनस्थ कार्यालय ने अकेले सिद्धि कुमारी के अधिवक्ता के वाक्यों को सही मानकर स्वीकार किया है। जो विधि सम्मत नहीं है। हस्ताक्षर पर सवाल क्यों? तब आवेदन करने वाले हनुवंत सिंह के हस्ताक्षर को स्वीकार नहीं किया गया, ऐसे में देवस्थान विभाग के आयुक्त ने सवाल उठाया है कि हनुवंत सिंह के हस्ताक्षर को मान्यता नहीं देने के कारण बताए बिना ही निर्णय कर दिया गया। देवस्थान विभाग के आयुक्त ने अपने निर्णय में साफ कहा है कि अधीनस्थ कार्यालय ने तथ्य को इग्नोर करते हुए आदेश कर दिए, जो विधि विरुद्ध है। पूर्व आदेश को निरस्त किया देवस्थान विभाग के आयुक्त वासुदेव मालावत ने पूर्व में हुए देवस्थान विभाग के आदेश को निरस्त कर दिया है। इस आदेश को विधि विरुद्ध बताते हुए निरस्त करने के आदेश दिए गए हैं।

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