भामाशाहों व ग्रामीणों ने स्कूल संवार दिए, 2 साल से प्रधानाचार्य, व्याख्याता नहीं लगा पाई सरकार

भास्कर संवाददाता | पाली दो साल पहले सरकार ने स्कूलों में 12वीं कक्षा तक क्रमोन्नत कर दिया। संसाधन जुटाने के लिए जनसहयोग व जनप्रतिनिधियों के माध्यम में स्कूलों की सूरत बदली। इसके बावजूद सरकार ने न तो पदों का सृजन किया और न ही व्याख्याताओं की नियुक्ति की। इसके चलते सिर्फ 5 से 6 का स्टाफ ही पढ़ा रहा है। वह भी सैकंड व तृतीय श्रेणी के ही हैं। दो-तीन साल में 3800 से अधिक स्कूलों में क्रमोन्नत किया गया है। इन प्रत्येक स्कूल में व्याख्याता एक भी पद का सृजन तक नहीं किया गया। बिना पदों के सृजन के एक भी व्याख्याता की नियुक्ति या पदस्थापन संभव नहीं है। प्रधानाचार्य पदों का सृजन हो रखा है। ऐसे में इन स्कूलों में भी काउंसलिंग के दौरान पद रिक्त बताने पर ही इन स्कूलों में पदस्थापन मिल सकेगा। यानि फायदा इस सत्र तक मिलना संभव नहीं दिख रहा है। अभी 2200 के करीब व्याख्याता के पदों पर भर्ती हो रही है। सैकंड ग्रेड भर्ती पूरी होने में एक साल का समय लगेगा, तो तृतीय श्रेणी के लिए तो अभी रीट होगी। इसके बाद भर्ती होगी। यानि इस सत्र एक भी नई भर्ती का लाभ संभव नहीं है। राउमावि, अरटिया, रोहट : इस स्कूल में ग्रामीणों ने जनसहयोग से 40 से 45 लाख खर्च किए। दो बीघा में नया भवन बनवाया। विधायक भीमराज भाटी ने 11 लाख से हॉल बनवाया, 5 लाख से भामाशाहों ने मेन गेट बनवाया। रोहट प्रधान सुनीता कंवर राजपुरोहित ने 12 लाख टीनशेड व शौचालय बनवाया। सरपंच अमराराम पटेल बताते हैं कि अभी 297 नामांकन हैं। प्रधानाचार्य सहित व्याख्याता व सैकंड ग्रेड के पद खाली हैं। पहली डीपीसी : सैकेंड ग्रेड से 10 हजार 500 से अधिक व्याख्याता पदों पर डीपीसी हुई, इनको पदस्थापन के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए कार्यक्रम तय हुआ था, लेकिन इसके बाद इसको वापस काउंसलिंग कार्यक्रम को निरस्त कर दिया। अभी वापस काउंसलिंग का नया कार्यक्रम जारी नहीं हुआ। क्या होगा : काउंसलिंग कार्यक्रम जारी होने के बाद भी जिन स्कूलों में (व्याख्याता के पद पहले से रिक्त पद 17556 है)इन्हीं पदांे पर इनको लगाया जाएगा। दूसरी डीपीसी : उपप्रधानाचार्य से प्रधानाचार्य के लिए 5 हजार से अधिक पदांे पर डीपीसी हुई। दो दिन पहले ही यह प्रक्रिया हुई है, अभी इनका भी तय नहीं है कि काउंसलिंग कार्यक्रम में अब जारी होगा। क्या होगा : काउंसलिंग कार्यक्रम जारी होने के बाद भी जिन स्कूलों में (प्रधानाचार्य के रिक्त 7489 पदों) पर ही इनको पदस्थापन मिलेगा। इसका कार्यक्रम अभी जारी होगा। प्रधानाचार्य पद 17785 कार्यरत 10296 रिक्त 7489 राउमावि, मादड़ी, पाली : जनसहयोग व जनप्रतिनिधियों के सहयोग से 70 से 80 लाख का काम हुआ है। सीसीटीवी से लेकर स्टूल टेबल तक की सुविधाएं हैं। अभी नए हाल भी बन रहे हैं। खेल मैदान से लेकर सभी सुविधाएं हैं। कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत सहित जनप्रतिनिधियों सीसी ब्लॉक, चारदीवारी सहित कई काम करवाए हैं। अभी तक 200 नामांकन हैं। लेकिन प्रधानाचार्य सहित कला व साइंस वर्ग में व्याख्याताओं के सभी सैकेंड ग्रेड के तीन पद खाली है। व्याख्याता पद 55341 कार्यरत 37785 रिक्त 17556 सैकंड ग्रेड पद 108851 कार्यरत 75011 रिक्त 33840

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