गड्‌ढे, पत्थर और सीवेज की सड़ांध… यहीं से आ-जा रहीं गर्भवती-प्रसूताएं

पाली | यह नजारा बांगड़ अस्पताल के मातृ शिशु वार्ड के गेट नंबर 2 के बाहर का है। जहां 10-12 दिन से नई सीवरेज लाइन का काम चल रहा है। गड्‌ढे खुदे पड़े हैं, जिनके पत्थर बिखरे हुए हैं। सीवेज की सड़ांध ऐसी कि मितली आ जाए। यहीं से गर्भवती और प्रसूताएं वार्ड में आती-जाती हैं। यहां स्ट्रेचर और व्हीलचेयर पर भी नहीं चल सकती। ऐसे में परिजन गर्भवती और प्रसूताओं को पकड़ कर वार्ड और एम्बुलेंस तक पहुंचा रहे हैं। बता दें कि सीवरेज सिस्टम को सुधारने के लिए पीडब्ल्यूडी के माध्यम से काम करवाया जा रहा है। सीवरेज की पुरानी लाइनें जाम होने से वार्डों में गंदा पानी फैला हुआ है और बदबू फैली हुई है। कंटेंट : हिमांशी राठौड़, फोटो : गौरव शर्मा दृश्य 2 दृश्य 1 ^सीवरेज की नई लाइनें बिछाई जा रही हैं। मरीजांे को परेशानी नहीं हो, इसके लिए पूरे प्रयास कर रहे हैं। लेकिन स्थायी समाधान होने से अस्पताल में मरीजों को परेशानी नहीं होगी। -एचएम चौधरी, अस्पताल अधीक्षक मातृ शिशु वार्ड गेट नंबर 2 : मेरे भाई की पत्नी कस्तु देवी को प्रसव के बाद शनिवार को छुट्टी मिली। बाहर गेट के सामने खुदे गड्ढे में बडे़ पत्थर निकले पड़े थे। सावधानी के साथ गड्ढों के बीच में से निकले। – सवालराम, गुड़ा एंदला ^ 1200 मीटर बाहर लाइन लगा दी है। दो चार दिन में बाहर व्यवस्था सुचारू कर देंगे। अप्रैल तक डेडलाइन है, लेकिन मार्च तक पूरा कर देंगे। अभी बड़ी मुख्य लाइन के चलते परेशानी है। – रमेश परिहार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी ओल्ड आईसीयू का गेट : मेरे भाई की पत्नी रेखा को प्रसव के बाद छुट्टी मिलने पर अस्पताल के मातृ शिशु वार्ड से बाहर लेकर आए। बाहर गेट पर पत्थर और गंदगी पड़ी थी। सड़ांध इतनी कि मितली आ जाए। मवेशी भी भटक रहे। – प्रकाश, गिरादड़ा

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