भारतमाला- अफसरों को निर्देश, फिर भी काट रहे चक्कर:असली हकदारों को आज तक नहीं मिला मुआवजा

छत्तीसगढ़ की बहुचर्चित भारतमाला एक्सप्रेस में मुआवजे के नाम पर जमकर बंदरबाट की गई। इसमें जमीन को टुकड़ों में बदलकर कई जमीन मालिकों ने करोड़ों रुपए कमा लिए तो कुछ किसान अभी ऐसे भी हैं जो अपनी जमीन का वास्तविक मुआवजा भी नहीं पा सके हैं। अभनपुर ब्लाॅक के नायकबांधा, उरला, टोकरो, बिरोदा गांव के किसानों के साथ यही स्थिति है। भास्कर ने ​जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि नायकबांधा गांव के कुछ किसान मुआवजे के लिए लगातार चक्कर लगा रहे हैं। इसी तरह बिरोदा के सुरेंद्र कुमार, कमलकांत भोई, भंगू साहू, दाऊलाल साहू समेत 10 से ज्यादा किसानों को आज तक मुआवजा नहीं मिला है। दरअसल जिस समय जमीन का अधिग्रहण किया गया उस समय 48 लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजे की रकम निर्धारित की गई थी लेकिन बाद में इसे घटाकर 32 लाख रुपए कर दिया गया है। इसलिए किसान पुराने दर से मुआवजा देने की मांग पर अड़े हुए हैं। ईआेडब्ल्यू के साथ ईडी की कार्रवाई शुरू जमीन अधिग्रहण और 48 करोड़ के मुआवजा घोटाले में ईओडब्ल्यू की कार्रवाई जारी रही। अफसरों ने भू स्वामी, जमीन दलाल और फर्जी दस्तावेज बनाने वाले समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें महादेव घाट निवासी उमा तिवारी और उसके पति केदार तिवारी के साथ ही महासमुंद के ठेकेदार व प्रॉपर्टी डीलर हरमीत सिंह खनूजा और गोलबाजार के कारोबारी विजय जैन शामिल हैं। घोटाले में नाम आने के बाद से तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर निर्भय साहू, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक रोशन लाल वर्मा, पटवारी समेत अन्य आरोपी गायब हैं। जमीन को टुकड़ों में बांटा, 80 नए नाम चढ़ाए
राजस्व विभाग के मुताबिक मुआवजा करीब 29.5 करोड़ का होता है। अभनपुर के ग्राम नायकबांधा और उरला में भू-माफियाओं ने राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन को छोटे टुकड़ों में काटकर 159 खसरे में बांट दिया। मुआवजा के लिए 80 नए नाम रिकॉर्ड में चढ़ा दिया गया। जिससे 559 मीटर जमीन की कीमत करीब 29.5 करोड़ से बढ़कर 78 करोड़ रुपए पहुंच गई। अभनपुर बेल्ट में 9.38 किलोमीटर के लिए 324 करोड़ मुआवजा राशि निर्धारित की गई। जिसमें से 246 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है। वहीं 78 करोड़ रुपए का भुगतान अभी रोक दिया गया है। कमिश्नर ने एसडीएम को पैसे देने कहा
अभनपुर के नायकबांधा निवासी उदेराम सोनवानी के नाम पर 1278 नंबर का खसरा है। इनकी जमीन पर सड़क गुजर गई है। लेकिन इन्हें अभी तक एक रुपए भी मुआवजे का नहीं मिला है। उन्होंने इसकी अपील रायपुर कमिश्नर के पास की थी। लगातार पेशी और सुनवाई के बाद 14 अप्रैल को कमिश्नर से जमीन मालिक के पक्ष में फैसला सुनाया था। जिसमें अभनपुर एसडीएम को सात दिन के भीतर भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक माह बाद भी पैसे नहीं मिले हैं। एसडीएम का एनएचआई को आदेश
नवापारा राजिम टोकरो के रहने वाले ओमप्रकाश साहू की जमीन पर भी सड़क बन चुकी है। ओमप्रकाश के नाम पर 56 नंबर के खसरे की .006 हेक्टेयर जमीन दर्ज है। इस संबंध में उन्होंने नवापारा तहसील कार्यालय में शिकायत की। शिकायत के आधार पर उनकी जमीन का नापजोख करने का आदेश भी जारी किया गया। जांच के आधार पर पाया गया कि ओमप्रकाश साहू की 54 वर्गमीटर जमीन प्रभावित हुई है। एसडीएम ने एनएचआई को मुआवजा देने के निर्देश दिए पर उन्हें भी पैसा नहीं मिले। 14 नए संदिग्धों के नाम भी पूछताछ में शामिल : बताया गया है कि जमीन अधिग्रहण के नाम पर 48 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोप में ईओडब्ल्यू-एसीबी ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, उनसे पूछताछ में घोटाले से जुड़े 14 और संदिग्ध लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें भूमाफिया और राजस्व विभाग के कर्मचारी-अधिकारी शामिल हैं। ईओडब्लू, एसीबी इन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब कर सकती है।

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