राजस्थान के बांसवाड़ा से सटे मध्यप्रदेश बॉर्डर पर गौ तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। 52 ट्रकों में गायों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। इस मामले में भारतीय गौ क्रांति मंच ने आपात बैठक बुलाकर सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद कोठारी ने बताया कि गायों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बलदेव मेला और मेड़ता सिटी से खरीदा गया था। इन्हें मध्यप्रदेश के मंडला और खरगोन के किसानों के नाम पर खरीदा गया। तस्करों का असली मकसद इन गायों को महाराष्ट्र के बूचडख़ानों में पहुंचाना था। तस्करों के पास से देसी कट्टे, धारदार हथियार और मिर्ची पाउडर बरामद हुए हैं। गौ रक्षकों के एक समूह ने अपनी जान जोखिम में डालकर ट्रकों का पीछा किया और गायों को मुक्त कराया। मंच का आरोप है कि पुलिस तस्करों को संरक्षण दे रही थी। पोल खुलने पर पुलिस ने गौ रक्षकों को वहां से बलपूर्वक हटा दिया। भारतीय गौ क्रांति मंच ने पूरे मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। साथ ही जिस जिले में गौ तस्करी का मामला सामने आए, वहां के कलेक्टर और एसपी को जवाबदेह बनाने की मांग की है। मंच ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ठोस कदम नहीं उठाती है तो सभी गौ सेवी संगठन मिलकर राजधानी में धरना-प्रदर्शन करेंगे।


