जालंधर| फाउंड्री कारोबारियों ने वीरवार को नए समारोहों के आयोजन पर चर्चा की है। इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन फाउंड्रीमेन के तत्वावधान में बलराम कपूर चेयरमैन तथा राजेश गोयल, चेयरमैन दिल्ली चैप्टर के नेतृत्व में उद्योगपतियों, कॉरपोरेट प्रतिनिधियों एवं फाउंड्री उद्योग के पदाधिकारियों के साथ बैठक की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारतीय फाउंड्री उद्योग की वर्तमान स्थिति, भविष्य की दिशा तथा आगामी 75वें इंडियन फाउंड्री कांग्रेस एवं इंडियन फाउंड्री एग्जीबिशन की तैयारियों पर चर्चा करना एवं उद्योग जगत को इस ऐतिहासिक आयोजन से सक्रिय रूप से जोड़ना था। इस अवसर पर प्रदीप मित्तल, ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी, दिनेश गुप्ता चेयरमैन, एवं नरेश गर्ग शामिल रहे। मीटिंग में बताया गया कि यह आयोजन व्यापक और अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा, जिसमें तकनीकी सत्र, थीम आधारित कॉन्फ्रेंस, अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं के विशेष सत्र, नीति एवं बाजार पर केंद्रित पैनल चर्चा, बी2बी मीटिंग्स, क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, स्टार्ट-अप एवं एमएसएमई पवेलियन, अनुसंधान एवं नवाचार प्रदर्शनी, स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप और छात्रों एवं युवा पेशेवरों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उद्योग प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि कांग्रेस के माध्यम से सस्टेनेबल फाउंड्री, ग्रीन टेक्नोलॉजी, ऊर्जा दक्षता, कार्बन फुटप्रिंट में कमी, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंडस्ट्री 4.0, गुणवत्ता उन्नयन, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और निर्यात संभावनाओं जैसे विषयों पर विशेष फोकस किया जाना चाहिए। इसके साथ ही स्टील, ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस, रेलवे और पावर सेक्टर से जुड़े फाउंड्री को भी प्रमुखता देने का सुझाव दिया गया।


