तेलो | हमारी मातृभूमि ने विदेशी आक्रांताओं के अत्याचार सहकर भी अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाए रखी है। यह कहना है सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य जय नारायण साव का। वे सरस्वती शिशु विद्या मंदिर तेलो में संस्कृति ज्ञान महाअभियान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वर्तमान समय में विदेशी भाषाओं और जीवनशैली के अंधानुकरण पर चिंता जताते हुए कहा कि विदेशी संस्कार का बहिष्कार और भारतीय संस्कृति का सम्मान ही आज की आवश्यकता है। प्रधानाचार्य राजेश कुमार पांडेय ने भारतीय संस्कृति ज्ञान महा अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि सनातन धर्म की रक्षा व प्रचार-प्रसार करना हम सभी का कर्तव्य है। इस अभियान के अंतर्गत कक्षा तृतीय से द्वादश तक के भैया-बहनों के लिए संस्कृति ज्ञान परीक्षा आयोजित होती है। समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती व भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। मौके पर रेलवे ट्रैक मैनेजर भागवत दासौंधी, राष्ट्रीय लोकगायक सोहराय महतो, अभिभावक प्रतिनिधि राजेश चंद्र मंडल आदि उपस्थित थे।


