भारत टॉकीज–बाग उमराव दूल्हा पर जाम से राहत के प्रयास:ट्रैफिक पुलिस ने की बैरीकेडिंग, ताकि रॉग साइड नहीं जा सकें वाहन

भारत टॉकीज से लेकर बाग उमराव दूल्हा और पातरा अंडरब्रिज तक हर दिन लगने वाले भारी जाम की समस्या को लेकर बीती रात स्थानीय लोगों ने डीसीपी ट्रैफिक जीतेन्द्र सिंह पवार और एएसपी यातायात बसंत सिंह कोल से मुलाकात की थी। लोगों से बातचीत में उन्होंने बताया कि कैसे रोजाना घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम लोगों, खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। जनप्रतिनिधियों की बात सुनते हुए डीसीपी पवार ने मौके पर ही एसीपी ट्रैफिक विजय दुबे को निर्देश दिए कि वे क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण करें और जाम की प्रमुख वजहों का आकलन कर जल्द से जल्द समाधान लागू कराएं। इस दौरान अनस अली, मोहम्मद अजहर, जीशान, मोहसिन सहित अन्य स्थानीय निवासी मौजूद रहे। बैरिकेट बदलकर रोकी जाएगी रॉग साइड की आवाजाही
जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह ट्रैफिक पुलिस ने बोगदा पुल व भारत टॉकीज की ओर से आने वाले वाहनों के रूट पर सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी। बैरिकेट ब्रिज के सामने का हिस्सा पुनर्स्थापित किया जा रहा है, ताकि ऐशबाग, बाग उमराव दूल्हा और अशोका गार्डन की तरफ जाने वाले वाहन रॉग साइड में न घुसें। अभी वाहन गलत दिशा से होते हुए पुलिया की ओर बढ़ जाते थे, जिससे सामने से आ रहे ट्रैफिक के बीच गुत्थमगुत्था की स्थिति बन जाती थी और पूरे कॉरिडोर में जाम लग जाता था। पुलिस के अनुसार बैरिकेट की सही प्लेसमेंट से रूट अनुशासित होगा और पीक अवर में लगने वाले जाम से लोगों को काफी राहत मिलेगी। स्थानीय लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की इस तेजी से की गई कार्रवाई का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि स्थायी समाधान के लिए आगे और सुधार भी किए जाएंगे। भारत टॉकीज से ऐशबाग तक इंच-इंच रेंगी गाड़ियां भोपाल में रविवार को भारत टॉकीज से लेकर सेंट्रल लाइब्रेरी, बाग उमराव दूल्हा, ऐशबाग, बरखेड़ी और जिंसी तक की सड़कें साढ़े 5 घंटे से ज्यादा समय तक जाम रहीं। ट्रक, बस, कार और मोटरसाइकिलें एक-दूसरे से गुत्थमगुत्था नजर आईं। महिलाएं और बुजुर्ग खासे परेशान रहे। कई बच्चे तो भूख-प्यास से रोने लगे। दोपहर एक बजे से शाम 6 बजे तक गाड़ियां इंच-इंच सरकती रहीं। धक्का-मुक्की, वाहनों की टक्कर और आपसी विवाद के बीच कई जगह वाहन चालक आपस में भिड़ते रहे, लेकिन पूरे रूट पर कहीं भी ट्रैफिक पुलिस या स्थानीय थानों का अमला नहीं दिखा।

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