नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 3 दिसंबर की दोपहर 1.30 बजे से भारत–दक्षिण अफ्रीका वनडे मैच होगा। इस मैच में दर्शक पहुंचे इसलिए बीसीसीआई ने जिनी डॉट इन को टिकट बिक्री का जिम्मा सौंपा था। बिक्री के पहले दिन से ही टिकट को लेकर मारामारी है। टिकट की खरीदी करने के लिए रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के लोग ऑनलाइन साइट पर इंतजार ही करते रहे। वहीं, टिकट पूरी तरह से बिक जाने के बाद अब इनकी ब्लैक मार्केटिंग शुरू हो गई है। सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक टिकटों की नुमाइश लगाकर खुलेआम इनकी कालाबाजारी जारी है। पुलिस मुस्तैद है, फिर भी टिकट की बिक्री धडल्ले से चल रही है। 3 हजार का टिकट दलाल दोगुने से ज्यादा दाम मतलब 7500 का बेच रहे है। इन दलालों ने निजी अस्पताल को अपना ठिकाना बनाया है। पुलिस अधिकारियों ने टिकट की कालाबाजारी करने वाले आरोपियों पर कार्रवाई करने की बात बोली है। पहले पढ़े किस तरह से टिकट बेच रहे दलाल दैनिक भास्कर टीम ने सोशल मीडिया के माध्यम से टिकट की कालाबाजारी कर रहे दलाल से संपर्क किया। दलाल ने छत्तीसगढ़ गैराज के नाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम में आईडी बनाई है। इस आईडी में लास्ट फाइव टिकट की स्टोरी लगी थी। इसे बेचने का दावा किया जा रहा था। टीम ने संपर्क किया तो दलाल टिकट दोगुने से ज्यादा दाम में देने के लिए तैयार हो गया। पढ़े टिकट दलाल और रिपोर्टर के बीच बातचीत का अंश रिपोर्टर: ये टिकट कहां मिलेगा? मेरे को चाहिए? दलाल: रायपुर में टिकट मिलेगा। लास्ट पांच बचे है। रिपोर्टर: इन टिकट का कितना रुपए देना है? दलाल: 7 हजार रुपए एक टिकट लगेगा आपको। रिपोर्टर: टिकट लेने के लिए आपसे कहां मिलना है? दलाल: मोवा में मिलना होगा। रिपोर्टर: नंबर दो आपका मिलने आता हूं? दलाल: भाई लेना है टिकट बता। भैया को बोलना पड़ेगा, नहीं तो वो भी बिक जाएगा। रिपोर्टर: कौन सा टिकट है? दलाल: पवेलियन के साइड वाला टिकट है। देख लो नहीं तो निकल जाएगा। डॉक्टर सर भी मांग रहे है। रिपोर्टर: कहां हो मिल नहीं रहे, लोकेशन का फोटो भेजो? दलाल: यहीं हूं भाई अस्पताल में हूं। फिर दलाल ने रिपोर्टर को प्राइवेट अस्पताल के अंदर से फोटो भेजी। इसके साथ ही क्यूआर कोड भी भेजा और पैसा देने के लिए कहा। दो चरणों में हुई थी टिकटों की बिक्री टिकट की ऑनलाइन बिक्री दो चरणों में की गई थी। पहले फेज में 22 नवंबर को जारी किए गए 44 हजार में से 18 हजार टिकट सिर्फ 15–20 मिनट में बिक गए। भारी डिमांड के कारण बुकिंग तत्काल रोक दी गई। दूसरे फेज में 28 नवंबर को करीब 17 हजार टिकट बिक्री के लिए खोले गए, जो कुछ मिनटों में ही खत्म हो गए। इसके बाद क्रिकेट फैन्स ऑफलाइन काउंटर पर उमड़े, लेकिन दलालों ने यहां भी कब्जा जमा लिया। अब पढ़े पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा टिकट की कालाबाजारी को लेकर दैनिक भास्कर की टीम ने सीएसपी राजेश देवांगन से चर्चा की। सीएसपी देवांगन ने बताया, कि टिकट की कालाबाजारी करने वालों पर नजर रखी जा रही है। दो आरोपियों को टिकट बिक्री करते पकड़ा गया है और उन पर कार्रवाई भी की गई है। जो भी व्यक्ति टिकट की कालाबाजारी कर रहे है, उनकी सूचना मिलने पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


