एशिया कप के भारत-पाकिस्तान फाइनल मुकाबले पर लाखों रुपए का सट्टा खेला जा रहा था। आरोपियों ने इस मैच में ऑनलाइन सट्टा खिलाने के लिए 11 लाख रुपए से दो एप की खरीदी की थी। इसी ऐप से हर गेंद पर लाइव सट्टेबाजी चल रही थी। पुलिस ने गुप्त सूचना पर दबिश देकर ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया। मौके से दो युवकों को पकड़कर मोबाइल, नकदी और डिजिटल ट्रांजैक्शन के सबूत जब्त किए हैं। दोनों आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन प्लेटफार्म खरीदकर सट्टेबाजी का धंधा चला रहे थे। पुलिस अब इनके नेटवर्क से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। ऐप के जरिए चल रही थी लाइव सट्टेबाजी
28 सितंबर रविवार को एशिया कप फाइनल का मुकाबला भारत-पाकिस्तान के बीच खेला जा रहा था। पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग ऑनलाइन सट्टा खेला रहे हैं। सूचना मिलते ही एसीसीयू, वैशालीनगर थाना और स्मृतिनगर चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। छापेमारी में दो आरोपी गिरफ्तार हुए, जो मोबाइल ऐप के जरिए लाइव सट्टेबाजी करवा रहे थे।
जानिए इन दो आरोपियों पर हुई कार्रवाई के बारे में पहला आरोपी :
– गजेन्द्र साहू उर्फ दादू।
– उम्र 31 साल, निवासी वैशाली नगर।
– BRTBHAI9 और Classic Exch99 ऐप से सट्टा खिला रहा था।
– यह ऐप उसने अभिजीत सिंह उर्फ विराट से 1 लाख रुपए में खरीदी थी।
– पुलिस ने उसके पास से वीवो मोबाइल, होंडा एक्टिवा (CG-07 VQ 2141) और 5-6 लाख रुपए के लेन-देन के स्क्रीनशॉट जब्त किए हैं।
——————
दूसरा आरोपी
– नमन गुप्ता।
– उम्र 26 साल, निवासी स्मृतिनगर, भिलाई।
– RBC66 नामक ऐप से सट्टा खेलवाता था।
– यह ऐप उसने अपने साथी आयुष कुमार यादव से 10 लाख रुपए में खरीदी थी।
– पुलिस ने उसके कब्जे से 2 मोबाइल, 8,500 रुपए नकद और 4 लाख रुपए के सट्टा हिसाब बरामद किए
————— ऐसे चलता था सट्टा कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म खरीदकर अपनी पहचान छिपाते थे और लोगों को सट्टा खेलने के लिए ID बेचते थे। हर दांव पर मोटी रकम वसूलते और व्हाट्सऐप चैट व स्क्रीनशॉट में करोड़ों का लेन-देन दर्ज मिलता था। भारत-पाकिस्तान फाइनल जैसे हाईवोल्टेज मैच इनके लिए सोने की खान साबित होते थे। फाइनल मैच पर लगी थी मोटी बाजी
भारत-पाकिस्तान का फाइनल सिर्फ मैदान पर नहीं खेला जा रहा था, बल्कि इस मैच पर लाखों का दांव लग रहा था। आरोपी इसी मैच को एंट्री प्वाइंट बनाकर लोगों से ऑनलाइन पैसों का लेन-देन करवा रहे थे। व्हाट्सएप चैट और स्क्रीनशॉट में बड़े स्तर पर रकम का खेल साफ दिखा। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी अपने-अपने नेटवर्क के जरिए कई लोगों को जोड़कर ऐप्लिकेशन पर ID बेचते और हर दांव पर मोटी कमाई करते थे।


