भारत देश से पड़ोसी देश पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे आसार चल रहे हैं। इसको देखते हुए जहां दुर्ग जिले में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया तो वहीं दुर्ग पुलिस ने घुसपैठियों की तलाश में जगह जगह छापेमारी करके अप्रवासियों की जांच की। दुर्ग पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शनिवार तड़के छापेमारी करते हुए शारदापारा छावनी, केएलसी खुर्सीपार और जोन-3 खुर्सीपार में घर घर जांच की। पुलिस ने इसको लेकर एक साथ व्यापक अभियान चलाया। इसके तहत 589 व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच की गई। 154 व्यक्तियों के फिंगर प्रिंट लेकर उनका डाटाबेस तैयार किया गया। दुर्ग एएसपी ग्रामीण अभिषेक झा ने बताया कि दुर्ग एसएसपी प्रशांत अग्रवाल के निर्देश पर 10 मई 2025 को सुबह थाना छावनी के शारदा पारा, खुर्सीपार के केएलसी और जोन-3 में किराए से रह रहे व्यक्तियों के साथ ही बिना सूचना के रह रहे अवैध अप्रवासियों की जांच की गयी। छावनी में सीएसपी भिलाई नगर की टीम पहुंची अप्रवासियों की जांच के लिए सीएसपी और एएसपी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाई गईं। इसमें शारदापारा छावनी क्षेत्र में सत्य प्रकाश तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक भिलाई नगर के नेतृत्व में टीम ने लगभग 200 व्यक्तियों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की। इस दौरान पश्चिम बंगाल, किशनगंज बिहार, झारखण्ड से आकर लोग किराए का मकान लेकर रहते पाए गए। जांच के बाद 70 व्यक्तियों के फिंगर प्रिण्ट लिए गए। खुर्सीपार में छावनी सीएसपी की टीम पहुंची केएलसी खुर्सीपार में हरीश पाटिल, नगर पुलिस अधीक्षक, छावनी और जोन-3 खुर्सीपार में डीएसपी हेम प्रकाश नायक के नेतृत्व में टीम जांच करने पहुंची। इस दौरान 389 नागरिकों की के आधार कार्ड और दस्तावेजों की जांच की गई। जांच के दौरान 74 व्यक्तियों के फिंगर प्रिण्ट लिए गए। पहचान छिपाकर रह रहे 589 लोगों की जांच इस दौरान पुलिस ने बाहरी आए अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ अवैध अप्रवासी नागरिक जो अपनी पहचान छिपाकर किराए का मकान लेकर रह रहे हैं और इनके साथ भिलाई स्टील प्लांट व अन्य औद्योगिक इकाईयों में ठेका श्रमिक के रूप में काम कर रहे हैं। ऐसे व्यक्तियों की पहचान के लिए उनके आधार कार्ड, राशन कार्ड, परिचय पत्र को लेकर चेक किया गया। कुल 589 व्यक्तियों की जांच कर 144 व्यक्तियों के फिंगर प्रिण्ट लिए गए।


