भारत-पाक अन्तर्राष्ट्रीय सीमा से सटे सरहदी जिले जैसलमेर की किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में सीमा सुरक्षा बल की 53वीं अंतर सीमांत सपोर्ट वेपन शूटिंग प्रतियोगिता का बुधवार को आगाज हुआ। किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में सीमा सुरक्षा बल साउथ सेक्टर के डीआईजी विक्रम कुंवर ने इस प्रतियोगिता शुभारंभ किया। ये सपोर्ट वेपन प्रतियोगिता देश में सीमा सुरक्षा बल द्वारा आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं में सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिता है। किसी भी विशेष बल द्वारा आयोजित देश में अपनी तरह की यह एक विशेष प्रतियोगिता है, जिसका आयोजन सीमा सुरक्षा बल द्वारा हर साल किया जाता है। गौरतलब है कि, सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान आईजी एम.एल. गर्ग के दिशा निर्देशन में 53वीं अंतर सीमांत सपोर्ट वेपन शूटिंग प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि डीआईजी विक्रम कुंवर ने युद्ध के दौरान सीमा सुरक्षा बल के सपोर्ट वेपन एवं तोपखानों के महत्व के साथ ही स्पेशल प्रतियोगिता की अहमियत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रतियोगिता में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। साथ ही प्रतियोगिता के विधिवत आगाज की आधिकारिक घोषणा की। 11 सीमांत मुख्यालयों के 700 जवान ले रहे हिस्सा सीमा सुरक्षा बल द्वारा ये प्रतियोगिता 18 से 21 दिसम्बर 2024 तक किशनगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता में बीएसएफ के 11 सीमांत मुख्यालयों की टीमें भाग ले रही हैं। इसमें 700 जवान अपना दमखम दिखाएंगे। प्रतियोगिता के समापन पर प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले सीमांत की टीमों को सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता के शुभारंभ के साथ ही पहले दिन पूरा किशनगढ़ क्षेत्र सीमा सुरक्षा बल के तोपखानों के धमाकों से गूंज उठा। इसमें मुख्य तौर पर मोर्टार से निशाना साधने और मीडियम मशीन गन से सटीक निशाने लगाने की प्रतियोगिता आयोजित होगी। 53वीं अंतर सीमांत सपोर्ट वेपन शूटिंग प्रतियोगिता के शुभारंभ कार्यक्रम में साउथ सेक्टर के डीआईजी विक्रम कुंवर, क्षेत्रीय मुख्यालय जैसलमेर (उत्तर) के कमांडेंट सुरेंद्र कुमार, बीएसएफ 92वीं वाहिनी के कमांडेंट संजय चौहान एवं द्वितीय कमान अधिकारी राजकुमार यादव समेत सीमा सुरक्षा बल के अन्य अधिकारी व जवान भी मौजूद रहे।


