भारत लौटी भारतीय हॉकी टीम:कप्तान बोले- अब पंजाब के साथ खड़े होंगे; हार्दिक ने कहा- वर्ल्ड कप का लक्ष्य लेकर उतरे मैदान में

भारतीय टीम ने एशिया कप हॉकी के फाइनल में कोरिया को 4-1 से हराकर चौथी बार इस खिताब को जीत लिया। भारतीय टीम के लिए दिलप्रीत सिंह ने दो जबकि सुखजीत सिंह और अमित रोहिदास ने एक-एक गोल किया। आज, सोमवार, भारतीय टीम का अमृतसर एयरपोर्ट पर भव्य स्वागत हुआ। भारतीय में हॉकी टीम ने गत चैंपियन कोरिया को फाइनल में 4-1 से हराकर आठ साल बाद एशिया कप खिताब जीता और अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। अमृतसर लैंड हुए कप्तान हरप्रीत सिंह ने कहा कि पूरी टीम की कोशिशों के कारण ही हम फाइनल जीत पाए हैं। सभी ने पूरी जान लगाई। यही कारण है कि 8 साल के बाद हम ट्राफी फिर से जीत पाए हैं। उन्होंने बताया कि हमारे पास प्रो-लीग भी क्लियर करने के चांस थे, लेकिन उससे पहले हमारा एक और टूर्नामेंट जरूरी था। जिसके लिए हम शुरू से ही कोशिशों में लगे रहे। अंत तक हम एक-एक करके फाइनल तक पहुंच पाए। पंजाब बाढ़ में घिरा इसकी जानकारी हम बार-बार लेते थे। जब हम सभी प्लेयर इकट्‌ठे बैठते थे तो इस बारे में ही बात करते थे। हम अब वापस आए हैं तो पंजाब के साथ खड़े होंगे। अगर वाहेगुरु ने ये दिन दिखाए हैं तो वे ही रास्ता भी दिखाएंगे। लेकिन वे सभी को इसके लिए एकजुट होने के लिए कहेंगे। दिलप्रीत ने कहा- अपनी पूरी जान लगाना मेरा गोल था फाइनल में दो गोल कर देश को जीत दिलाने वाले दिलप्रीत ने कहा कि भारतीय हॉकी टीम की जीत के पीछे पूरी टीम को कोशिशें थी। वे फाइनल में यही सोच कर उतरे थे कि मैदान में उतर कर पूरी जान लगाएंगे। उन्होंने बताया कि पूरी टीम का लक्ष्य वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करना था। ये कप जीतकर टीम सीधा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर गई है। बाढ़ पीड़ितों के लिए अपना शत प्रतिशत दो हॉकी प्लेयर हार्दिक ने बताया कि अब पूरी टीम का लक्ष्य आने वाले टूर्नामेंट में अपना 100 प्रतिशत देने की है। उनका लक्ष्य वर्ल्ड कप है। वर्ल्ड कप में बेहतर प्रदर्शन के लिए पूरी टीम खुद को तैयार करेगी। ये तभी होगा, जब सभी हर टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि पंजाब में बाढ़ की सूचना मिलने के बाद पूरी टीम दुखी थी। जितना भी हम सभी प्लेयर्स से हो पाएगा, हम करेंगे। हम लोगों से भी कहते हैं कि जो लोग वहां नहीं पहुंच सकते, वे सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से अपना शत-प्रतिशत योगदान दें।

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