खंडार के बालेर रोड स्थित तिराहे पर बसों का अवैध ठहराव लगातार लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ है। बस स्टैंड पर रुकने के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अधिकांश रोडवेज व निजी बसें भीड़भाड़ वाले तिराहे पर ही रुकती हैं और ऊपर रखे भारी लगेज के बोरे नीचे फेंक दिए जाते हैं। इसी लापरवाही के चलते बुधवार शाम एक हादसा सामने आया। जिसमें एक दस वर्षीय बच्ची घायल हो गई। नाराज परिजनों ने की मारपीट दरअसल, बुधवार शाम करीब 5:30 बजे दस वर्षीय बालिका रोशनी मथुरिया पुत्री सुनील मथुरिया, निवासी खंडार अपनी तीन बहनों के साथ सवाई माधोपुर से इसी बस में खंडार उतरी थी। बस से उतरते समय ऊपर रखे बोरे को बस कर्मचारी ने सीधे ऊपर से ही नीचे फेंक दिया। उसी समय रोशनी नीचे खड़ी थी। जिसके चलते 80 से 100 किलो का भारी बोरा सीधे बच्ची पर गिर गया। बोरा लगते ही रोशनी के सिर व नाक से खून बहने लगा और मौके पर चीख-पुकार मच गई। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए। जहां उसका उपचार किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बसें रोजाना इसी तरह तिराहे पर रुकती हैं और ऊपर से बोरे नीचे फेंकना आम बात बन चुकी है। तहसीलदार द्वारा बार-बार बस स्टैंड पर बसें रुकवाने के आदेश देने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए, तिराहे पर बस रुकवाने और लगेज फेंकने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि आगे किसी मासूम के साथ ऐसा हादसा न हो। इनपुट- सागर सैनी खंडार।


