छतरपुर में मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए भावांतर योजना शुरू की है। इस योजना का लाभ सोयाबीन उत्पादक किसानों को मिलेगा। शुक्रवार को शहर के ऑडिटोरियम में किसान संगठनों और पंजीकृत व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें योजना के फायदे और क्रियान्वयन की जानकारी दी गई। बैठक के बाद विधायक ललिता यादव और कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने योजना के प्रचार-प्रसार के लिए एक ट्रैक्टर रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली ऑडिटोरियम से शुरू होकर आकाशवाणी तिराहा, बस स्टैंड होते हुए कृषि विभाग कार्यालय तक निकाली गई। विधायक यादव ने बताया कि मंडियों में सोयाबीन बेचने पर मंडी के मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के बीच का अंतर सरकार सीधे किसानों के खातों में जमा करेगी। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक संख्या में योजना के तहत पंजीयन कराने की अपील की। कलेक्टर जैसवाल ने बताया कि किसान 3 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2025 तक एमपी ऑनलाइन और सीएससी केंद्रों के माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों को मंडियों में हेल्पडेस्क स्थापित करने और योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने चेतावनी भी दी कि योजना का दुरुपयोग करने वाले बिचौलियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि किसानों को सोयाबीन विक्रय करने पर 5328 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी मिलेगा। मंडी मॉडल रेट और एमएसपी के अंतर की राशि 15 दिनों के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एडीएम मिलिंद नागदेवे, सहायक कलेक्टर आशीष पाटिल, डीडीए रवीश सिंह, किसान संगठन पदाधिकारी अयोध्या प्रसाद पटेल, बृजेंद्र सिंह बुंदेला, नीलकंठ पटेल, खजांची पटेल सहित कई गणमान्य नागरिक और व्यापारी उपस्थित थे।


