भास्कर न्यूज| लुधियाना जिले में वोटर लिस्ट को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने कमर कस ली है। स्पेशल इन्सेंटिव रीविजन(एसआईआर) से पहले प्री एसआईआर इलेक्ट्रॉल मैपिंग में साल 2003 और 2025 की वोटर सूचियों का मिलान किया जा रहा है। जिससे पता चल सके कि कौन वोटर कहां रह रहा है। मौजूदा समय में कहां पर है। उससे कौन से दस्तावेज लेने हैं। इससे एसआईआर करने में आसानी हो। जिले में प्री एसआईआर का 47 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जिले में 14 विधानसभा में करीब 27 लाख वोटर हैं। जिनका स्पेशल इन्सेंटिव रिविजन आयोग की तरफ से कराने की तैयारी चल रही है। इससे पहले आयोग की तरफ से वोटर लिस्ट का मिलान किया जा रहा है जो 2927 बीएलओ द्वारा कराया जा रहा है। इसमें बीएलओ के पास 2025 की वोटर लिस्ट है और आयोग की तरफ से 2003 की वोटर लिस्ट दी गई है। इसमें बीएलओ मिलान कर रहे हैं। अगर वोटर मिल नहीं रहे तो घर-घर जाकर लोगों से जानकारी लेकर मैपिंग कर रहे हैं। इलेक्शन तहसीलदार अमनदीप सिंह ने बताया कि 2003 और 2025 की वोटर लिस्ट का मिलान चल रहा है। अगर 2003 की वोटर लिस्ट में नाम है लेकिन उसका 2025 में वोट नहीं है। तो एसआईआर के दौरान 2003 की वोटर लिस्ट की कॉपी लगा सकते हैं। अगर 2025 में वोटर हैं और उनका 2003 में वोट नहीं है। तो उनको अलग डॉक्यूमेंट देने होंगे। जहां पर वह वोटर थे उसकी कॉपी समेत 13 दस्तावेज में दो देने होंगे। अगर 2025 में किसी की वोट है और 45 से 50 साल उम्र है। उसकी 2003 और 2025 में भी वोट है। ज्यादा दस्तावेज नहीं देने। 2025 में बच्चों की वोट आ गई। बच्चों की वोट उनके साथ अटैच हो जाएगी। सभी 27 लाख वोटर का प्री फिल्ड फार्म निकलेगा। बीएलओ घर-घर जाकर फार्म देगा और उसके वेरीफिकेशन करेंगे। जिनकी वोट नई बननी उनको अलग से फार्म भरना पड़ेगा। बीएलओ के मांगने पर इन 13 दस्तावेजों में दो को देना होगा: वोटर लिस्ट 2003, आधार कार्ड, भारत सरकार / स्थानीय निकाय / बैंक / पोस्ट ऑफिस / एलआईसी / पीएसयू द्वारा 01.07.1987 से पहले जारी पहचान पत्र, भारत सरकार या राज्य सरकार की ओर से जारी प्रमाण पत्र, दस्तावेज; सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, मान्यता प्राप्त बोर्ड / विश्वविद्यालय द्वारा जारी मेट्रिकुलेशन / शैक्षणिक प्रमाण पत्र। सक्षम राज्य प्राधिकारी की तरफ से जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ओबीसी / एससी / एसटी या अन्य जाति प्रमाण पत्र,राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, जहां लागू हो। राज्य / स्थानीय प्राधिकारी द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर। सरकार द्वारा जारी भूमि / मकान आवंटन प्रमाण पत्र। एसआईआर के बाद कई नाम होंगे गायब: जानकारों की मानें तो पंजाब में कई लोगों ने विदेशों में पीआर ले रखी है। लेकिन, अभी तक वोटर लिस्ट में नाम है। अब एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट से यह नाम हटा दिए जाएंगे। उम्मीद जताई जा रही है। कई नाम गायब हो जाएंगे। जो जिनकी शादी हो गई और चले गए। वह भी बाहर हो सकते है। पारदर्शी और सटीक वोटर लिस्ट बनाना मकसद: प्री-एसआईआर सर्वे का मुख्य उद्देश्य यह है कि एसआईआर के दौरान योग्य मतदाताओं का नाम न कटे और अपात्र मतदाताओं को सूची से हटाया जा सके। इससे जिले में पारदर्शी और अपडेटेड वोटर लिस्ट तैयार होगी, जो आने वाले चुनावों के लिए अहम मानी जा रही है।


