भिंड जिले के मिहोना कस्बे में शनिवार को यूजीसी कानून के विरोध में समस्त हिंदू समाज के बैनर तले रैली निकाली गई। बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर नारेबाजी करते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार अमित दुबे को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद हालात को देखते हुए पुलिस बल को पीछे हटना पड़ा। रैली के रूप में तहसील कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारी
शनिवार सुबह मिहोना कस्बे में समस्त हिंदू समाज के नेतृत्व में लोग एकत्र हुए। रैली कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारी यूजीसी कानून के विरोध में नारे लगाते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कानून के नए प्रावधान समाज में असंतोष और आपसी वैमनस्य को बढ़ावा देने वाले हैं। तहसील कार्यालय पर पुलिस से हुई बहस
तहसील कार्यालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने का प्रयास किया। हालात तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और किसी भी टकराव से बचने के लिए पीछे हटना पड़ा। ज्ञापन में कानून को बताया विभाजनकारी
प्रदर्शनकारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि देश में पहले से ही जातिगत भेदभाव रोकने के लिए भारतीय न्याय संहिता और एससी-एसटी एक्ट जैसे कानून प्रभावी हैं। ऐसे में नए कानून लाकर समाज में भ्रम और विभाजन की स्थिति पैदा की जा रही है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए ठोस प्रावधान नहीं होने से निर्दोष लोगों के खिलाफ झूठे प्रकरण दर्ज होने की आशंका बढ़ेगी। आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था को जाति के बजाय आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए समान आय-आधारित आरक्षण व्यवस्था लागू की जाए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को समान अवसर मिल सके। आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यूजीसी कानून को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेश से लेकर देशभर तक तेज किया जाएगा। उनका कहना था कि कानून लागू होने की स्थिति में समाज दो धड़ों में बंट सकता है, जिससे सामाजिक समरसता और सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। स्थिति सामान्य, पुलिस निगरानी में क्षेत्र प्रदर्शन के बाद स्थिति सामान्य बनी हुई है। पुलिस प्रशासन ने एहतियातन कस्बे में निगरानी बनाए रखी है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बल तैनात रखा गया है।


