भिंड शहर में पेयजल की गंभीर समस्या और दूषित पानी से संभावित खतरे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी शहर ने एक दिवसीय उपवास रखकर विरोध दर्ज कराया। गोल मार्केट स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास आयोजित धरना-उपवास में कांग्रेस नेताओं ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का उदाहरण देते हुए भिंड में भी ऐसी घटना की आशंका जताई। कार्यक्रम के बाद जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन तहसीलदार को सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। जिला कांग्रेस कमेटी शहर के अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह भदोरिया पिंकी के नेतृत्व में आयोजित इस उपवास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। धरना स्थल पर नेताओं ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर के कई वार्डों में पेयजल पाइपलाइन गंदे नालों और सीवर लाइनों के बीच से गुजर रही हैं। कई स्थानों पर नाली और सीवर का पानी पीने के पानी में मिल रहा है, जो आमजन के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। प्रेस को जानकारी देते हुए संतोष त्रिपाठी ने बताया कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 24 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 400 से अधिक लोग बीमार हैं और लगभग 3000 लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते भिंड में भी पेयजल व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो यहां भी इंदौर जैसी त्रासदी घट सकती है। कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि नगर पालिका को निर्देशित कर शहर की सभी पेयजल पाइपलाइनों का समुचित मेंटेनेंस कराया जाए और जहां नालों व सीवर के पास से लाइनें गुजर रही हैं, वहां तत्काल सुधार कार्य किया जाए। नेताओं ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में दूषित पानी से कोई जनहानि होती है तो इसके लिए जिला प्रशासन के साथ-साथ नगर पालिका प्रशासन भी जिम्मेदार होगा। इसके अलावा कांग्रेस ने भिंड शहर में टाटा कंपनी द्वारा डाली गई नई पानी की पाइपलाइन को तुरंत चालू कराने की मांग की, ताकि आम नागरिकों को शुद्ध पेयजल मिल सके। उपवास कार्यक्रम में पूर्व विधायक सोपत सिंह जाटव, डॉ. राधेश्याम शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे


