भिंड-दतिया लोकसभा सांसद संध्या राय के जन्मदिन (रविवार) पर कांग्रेस ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता सांसद के बंगले के बाहर पहुंचे और ‘घंटा’ बजाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह विरोध इंदौर में दूषित पानी और छिंदवाड़ा में नकली दवा से हुई मौतों को लेकर था। कांग्रेस ने नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के ‘घंटा’ वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को बंगले के पास ही रोक दिया। प्रदर्शन दोपहर में इंदिरा गांधी चौराहे से शुरू हुआ। कांग्रेसी कार्यकर्ता हाथों में घंटे और शंख लेकर पैदल मार्च करते हुए चंबल कॉलोनी स्थित सांसद के बंगले की तरफ बढ़े। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। जैसे ही प्रदर्शनकारी बंगले के करीब पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। यहां करीब डेढ़ घंटे तक मुख्यमंत्री मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ जमकर नारेबाजी होती रही। मंत्री की भाषा पर भड़के: बोले- इस्तीफा दें
शहर कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र भदोरिया ‘पिंकी’ ने कहा, “प्रदेश सरकार पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। छिंदवाड़ा में नकली कफ सिरप से बच्चों की जान गई और इंदौर में सीवर का पानी पीने से लोग मर रहे हैं। जब पत्रकार सवाल पूछते हैं, तो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ‘घंटा’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। यह उनकी दूषित मानसिकता है।” कांग्रेस ने नैतिकता के आधार पर सीएम और मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। अंदर बधाई चल रही थी, बाहर नारेबाजी
खास बात यह रही कि जिस समय बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता घंटा बजाकर प्रदर्शन कर रहे थे, उस वक्त सांसद संध्या राय बंगले के अंदर मौजूद थीं और अपने समर्थकों से जन्मदिन की शुभकामनाएं स्वीकार कर रही थीं। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इंदौर में जिन ठेकेदारों की लापरवाही से मौतें हुईं, वे मुख्यमंत्री के करीबी हैं, इसलिए उन पर कार्रवाई नहीं हो रही।


