भिलाई स्टील प्लांट में फिर हुआ हादसा:30 किलोग्राम वजनी क्रेन की स्प्रिंग टूटकर मजदूर पर गिरी, हुआ बेहोश

भिलाई स्टील प्लांट में फिर एक बड़ा हादसा हुआ। यहां क्रेन की स्प्रिंग टूटकर वहां काम कर रहे मजदूर के कंधे में गिरी। इससे मजदूर घायल हो गया। उसे तुरंत मेल मेडिकल पोस्ट ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने मजदूर को प्राथमिक इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया। इसे लेकर मजदूर यूनियन ने विरोध किया कि मामले को दबाने के लिए बीएसपी प्रबंधन ने घायल को जल्दी डिस्चार्ज किया है। क्रेन की स्प्रिंग टूटकर झूलने लगी जानकारी के मुताबिक हादसा बीएसपी के प्लेट मिल के अंदर मैकेनिकल पार्ट क्रेन नंबर 34 के नीचे हुआ। यहां मंगलवार रात 8 बजे के करीब काम चल रहा था। मिल में लगी बड़ी क्रेन की स्प्रिंग टूटकर झूलने लगी। गनीमत यह रही की वहां काम करने वाले मजदूरों ने उसे देख लिया और शोर मचाया। मजदूरों के शोर मचाने के बाद भी सेफ्टी डिपार्टमेंट के लोग वहां जल्दी नहीं पहुंचे। इसी दौरान 2 क्रेन ऑपरेटर क्रेन की ओर बढ़ने लगे। मजदूरों ने शोर मचाया, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया और क्रेन चलाने के लिए चले गए। क्रेन ऑपरेटर ने ध्यान नहीं दिया कि नीचे एक मजदूर काम कर रहा है और उसी डैमेज हालत में क्रेन को चला दिया। स्प्रिंग का टुकड़ा मजदूर के कंधे पर गिरा क्रेन चलते ही स्टॉपर से लोहे की स्प्रिंग का बड़ा टुकड़ा सीधे पास में काम कर रहे मजदूर के कंधे के ऊपर गिरा। लोगों ने बताया कि स्प्रिंग का टुकड़ा वहां काम कर रहे श्रमिक लक्ष्मण प्रसाद (45 साल) के ऊपर गिरा, जिससे वो जमीन पर घायल होकर गिर गया। जब बाकी के मजदूर पास पहुंचे तो देखा कि वो कुछ बोल नहीं रहा। उन्होंने शोर मचाया कि उसकी मौत हो गई। इसके बाद मेडिकल टीम वहां पहुंची और उसे लेकर मेन मेडिकल पोस्ट पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बताया कि अचानक तेज चोट आने से लक्ष्मण प्रसाद बेहोश हो गया था। इसके बाद यहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे सेक्टर 9 हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। 30 किलो वजन का था स्प्रिंग का टुकड़ा जानकारी के मुताबिक जो स्प्रिंग का टुकड़ा मजदूर के ऊपर गिरा वो काफी बड़ा था। उसका वजन 30 किलोग्राम से अधिक बताया जा रहा है। इतनी वजन का लोहे का टुकड़ा काफी ऊंचाई से मजदूर के कंधे पर गिरने से मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ। यदि स्प्रिंग उसके सिर में गिरती तो उसकी मौत भी हो सकती थी। यूनियन ने जल्द डिस्चार्ज करने पर जताई आपत्ति सेक्टर 9 हॉस्पिटल रेफर करने पर घायल को वहां भर्ती किया गया। इसके बाद कुछ घंटे रखने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। इस पर मजदूर यूनियन सीटू ने प्रबंधन पर सवाल उठाया है। अन्य कई संगठनों ने भी इसे लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।

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