खैरथल तिजारा जिले के टपूकड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित होंडा टू-व्हीलर कंपनी (होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया) के परिसर में लेपर्ड की मौजूदगी से हड़कंप मच गया है। गुरुवार को कंपनी में लेपर्ड की हलचल देखी गई, जिसके बाद वन विभाग की टीम तुरंत अलर्ट हो गई और कार्रवाई में जुट गई। मंगलवार को सबसे पहले दिखा था लेपर्ड सूत्रों के अनुसार, मंगलवार रात को कंपनी के गेट नंबर-1 के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में लेपर्ड नजर आया। बुधवार को दिन के समय इसे होंडा सीएल परिसर के आसपास घूमते देखे जाने की सूचना मिली। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे वन विभाग को इसकी सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। कंपनी परिसर में मिले पगमार्क तिजारा रेंजर मनीष कुमार ने पुष्टि की कि सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद लेपर्ड की मौजूदगी की पुष्टि हो गई है। कंपनी परिसर में कई जगहों पर इसके पगमार्क (पंजों के निशान) भी मिले हैं। कंपनी का परिसर काफी बड़ा होने और इसमें घने पेड़-पौधे व झाड़ियां होने के कारण लेपर्ड को ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि लेपर्ड कहां छिपा हुआ है। वन विभाग ने लगाया पिंजरा वन विभाग ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए त्वरित कदम उठाए हैं। रात में कंपनी परिसर में पिंजरा (केज ट्रैप) लगाया जा रहा है, ताकि लेपर्ड रात के समय पिंजरे में फंस जाए। कंपनी मैनेजमेंट और कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि पूरी सावधानी बरतें, खासकर रात के समय अंधेरे में इधर-उधर न जाएं। ट्रैंक्विलाइजर टीम को बुलाया गया सरिस्का टाइगर रिजर्व से ट्रैंक्विलाइजर टीम को सूचित कर दिया गया है। यदि लेपर्ड का मूवमेंट नजर आता है, तो टीम को बुलाकर उसे बेहोश कर जंगल में सुरक्षित छोड़ा जाएगा। फिलहाल वन विभाग की टीमें और स्थानीय प्रशासन क्षेत्र में सक्रिय हैं। कंपनी परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। वन विभाग का कहना है कि यह संभवतया आसपास के जंगलों से भटककर यहां पहुंचा है। इससे पहले यहां इस तरह के जंगली जानवरों की मौजूदगी नहीं देखी गई है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कोई भी अप्रिय घटना रोकने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।


