भिवाड़ी-धारूहेड़ा जलभराव का होगा परमानेंट समाधान:150 करोड़ में 6 किलोमीटर लंबी ड्रेन बनेगी, 25–25 करोड़ रुपए हरियाणा-राजस्थान सरकार वहन करेगी

राष्ट्रीय राजमार्ग-919 (NH-919) पर भिवाड़ी-धारूहेड़ा क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में केंद्र सरकार ने ठोस कदम बढ़ाया है। इस मुद्दे को लेकर मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों के शीर्ष नेता व अधिकारी शामिल हुए। बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, हरियाणा के पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह और राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत सहित दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का फोकस भिवाड़ी क्षेत्र में सीवरेज और वर्षा जल के वैज्ञानिक प्रबंधन पर रहा। खेती में इस्तेमाल होगा साफ हुआ पानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी को पाइपलाइन के जरिए सारे खुर्द बांध तक पहुंचाया जाएगा। यहां से यह पानी किसानों को सिंचाई और उद्योगों को अन्य आवश्यक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इस व्यवस्था से जल संरक्षण के साथ-साथ संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मसानी बैराज में केवल वही उपचारित जल प्रवाहित किया जाएगा, जो तय स्वच्छता मानकों पर खरा उतरेगा। इस जल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी राजस्थान और हरियाणा सरकारें संयुक्त रूप से करेंगी, ताकि पर्यावरणीय संतुलन बना रहे। घरेलू और औद्योगिक वेस्ट वाटर के लिए अलग व्यवस्था बैठक में तय किया गया कि भिवाड़ी से निकलने वाले घरेलू अपशिष्ट जल को 34 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में उपचारित किया जाएगा। यह प्लांट मार्च 2026 तक पूरी तरह से संचालित हो जाएगा। वहीं, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले अपशिष्ट जल के उपचार के लिए 6 एमएलडी क्षमता वाले कॉमन इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का उपयोग होगा, जिसे जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) मानकों के अनुसार हाल ही में अपग्रेड किया गया है। 6 किलोमीटर लंबी ड्रेन बनेगी, 150 करोड़ की परियोजना जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए नितिन गडकरी ने अधिकारियों को करीब 6 किलोमीटर लंबी ड्रेन के निर्माण के लिए विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए। इस परियोजना पर अनुमानित 150 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिससे NH-919 पर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था तैयार होगी। लागत साझा करेंगे दोनों राज्य, NHAI उठाएगा बड़ा हिस्सा परियोजना की लागत में राजस्थान और हरियाणा सरकारें 25-25 करोड़ रुपये का योगदान देंगी, जबकि शेष राशि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा वहन की जाएगी। बैठक के दौरान ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान सरकार की ओर से 25 करोड़ रुपये देने की सहमति तत्काल दे दी। बैठक के बाद अलवर सांसद और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से भिवाड़ी क्षेत्र की दशकों पुरानी जलभराव समस्या का ठोस समाधान निकलेगा, जिससे आम नागरिकों, यात्रियों और औद्योगिक इकाइयों को बड़ी राहत मिलेगी।

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