भीलवाड़ा में एक फैक्ट्री में मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। फैक्ट्री प्रबंधन ने पुलिस को बताया कि पैर फिसलने से युवक सीढ़ियों से नीचे गिरा, जिससे उसकी मौत हो गई। जबकि ठेकेदार का कहना है कि युवक की छत से गिरने से जान गई। परिजनों ने दोनों बयानों को विरोधाभासी बताया है। इस बीच परिजनों और साथी श्रमिकों ने महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। मामला जिले के हमीरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित श्री श्याम एग्रो फैक्ट्री का है। पुलिस का कहना है कि फैक्ट्री में काम करने वाले मजदूर दिनेश सेन (35) पुत्र नंद सेन की आज सुबह मौत हो गई, जिसका शव हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। मामले की जांच की जा रही है। मृतक के मामा बोले- अलग-अलग बयान सामने आए है
मृतक के मामा बनवारी सेन ने बताया- दिनेश लंबे समय से फैक्ट्री में काम कर रहा था। प्रबंधन ने हमें सूचना दी की छत से पैर फिसल गया और दिनेश नीचे गिर गया। जबकि फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से पुलिस को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि सीढ़ियों से पैर फिसलने से दिनेश गिरा। दोनों ही बात अलग-अलग की जा रही है। मौके के कोई सीसीटीवी फुटेज या कोई फोटो- वीडियो भी नहीं है, जिससे हमें यह कंफर्म हो सके कि उसकी मौत पैर फिसल कर गिरने की वजह से हुई है। निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजा देने की मांग
बनवारी सेन ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही मृतक के परिवार में बुजुर्ग माता-पिता और एक छोटा बच्चा है, जिसकी सार-संभाल करने वाला कोई नहीं है। हम लोग यह चाहते हैं कि उसकी मौत के कारणों की जांच हो और उसके परिजनों को फैक्ट्री प्रबंधन उचित मुआवजा दें। इस बीच परिजनों और साथी श्रमिकों ने मुआवजे की मांग को लेकर महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी के बाहर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस की ओर से फिलहाल समझाइश का प्रयास किया जा रहा है।


