राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा(RJS) 2025 का परिणाम जारी कर दिया गया है, जिसमें कुल 44 पदों पर चयन हुआ है। इस परीक्षा में भीलवाड़ा के आशुतोष शर्मा ने प्रदेश स्तर पर 12वीं रैंक हासिल कर जिले और परिवार का नाम रोशन किया है। 44 पदों पर जारी हुआ रिजल्ट, महिलाओं का रहा दबदबा राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में कुल 44 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। खास बात यह रही कि इस बार 28 महिलाएं जज बनी हैं। मेरिट लिस्ट के टॉप-10 में 9 महिलाएं और केवल 1 पुरुष अभ्यर्थी शामिल है, जिससे न्यायिक सेवाओं में महिलाओं की मजबूत भागीदारी साफ झलकती है। भीलवाड़ा के आशुतोष को मिली 12वीं रैंक 12वीं रैंक की घोषणा के बाद आशुतोष के घर पर जश्न का माहौल देखने को मिला। परिवार के सदस्यों और दोस्तों ने उन्हें माला पहनाकर मिठाई खिलाई। ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया गया, वहीं आशुतोष भी परिवार के साथ ढोल की धुन पर नाचते नजर आए। प्रिंसिपल के पति जज थे, उन जैसा बनना था आशुतोष ने बताया कि बचपन से ही उनका सपना जज बनने का था। स्कूल के दिनों में उनकी प्रिंसिपल के पति जज थे। पेरेंट्स टीचर मीटिंग में प्रिंसिपल अक्सर उनके माता-पिता से कहती थीं कि यह बच्चा बड़ा होकर बड़ा आदमी बनेगा। उसी समय से उन्होंने जज बनने का लक्ष्य तय कर लिया था। लॉ कॉलेज में एडमिशन लेकर वकालत शुरू करने के बाद भी आशुतोष का मन कोर्ट रूम में वकील की कुर्सी से ज्यादा जज की कुर्सी की ओर रहता था। उनकी एक ही इच्छा थी कि वे जज बनें और न्यायिक सेवा में जाएं। 2024 में डेढ़ नंबर से रह गए थे, इस बार हासिल की सफलता आशुतोष ने अपने सपने को पूरा करने के लिए 2024 में आरजेएस परीक्षा दी थी, लेकिन इंटरव्यू में सिर्फ डेढ़ नंबर कम आने के कारण वे रह गए थे। यह उनका दूसरा प्रयास था और इस बार उन्होंने प्रदेश में 12वीं रैंक हासिल कर सफलता पाई। पंडित की भविष्यवाणी 2025 में हुई सच आशुतोष ने बताया कि उनकी माताजी उन्हें भीलवाड़ा के एक प्रसिद्ध पंडित के पास लेकर गई थीं। पंडित ने कहा था कि यह बच्चा जज बनेगा। जब मां ने पूछा कि कब बनेगा, तो पंडित का जवाब था- 2025 में। आज वह भविष्यवाणी सच हो गई है। सपना हुआ साकार, बधाई देने उमड़े रिश्तेदार आज आशुतोष शर्मा का जज बनने का सपना पूरा हो चुका है। उनकी इस उपलब्धि पर घर में बधाई देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी और जिले में भी खुशी का माहौल है।


