भीलवाड़ा में नंदराय कस्बे के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल में लेक्चरर के ट्रांसफर को लेकर चल रहे प्रदर्शन के आज चौथे दिन शाम को प्रदर्शन कर रही कुछ छात्राओं की तबियत अचानक बिगड़ गई,इसके बाद मौके पर हड़कंप मच गया। पानी के छीटें डालकर होंश में लाने का प्रयास छात्राओं को बेहोश होती देख टीचर्स और स्टूडेंट ने उनके मुंह पर पानी के छीटें डालकर उन्हें होंश में लाने का प्रयास किया हालांकि छात्राओं को अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं पड़ी लोकल डॉक्टर को बुलवाकर उनका चेकअप करवाने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया,एक साथ छात्राओं की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप की स्थिति बन गई। दर्जन भर छात्राओं की हालत बिगड़ने से हड़कंप पिछले तीन दिन से चल रहे धरने प्रदर्शन के चौथे दिन गुरुवार सायं को एक दर्जन छात्राओं की तबियत बिगड़ गई। छात्राएं एक के बाद एक चक्कर आने की शिकायत करने लगी। जिससे धरना स्थल पर हड़कंप मच गया। आनन फानन में छात्राओं को स्कूल भवन के अंदर ले जाया गया। स्थानीय चिकित्सकों की मदद से छात्राओं का उपचार शुरू किया गया। छात्राएं सुबह से ही भूखी धरना स्थल पर बैठी थी। जिससे तबियत बिगड़ने की बात सामने आई, देर शाम सभी छात्राओं को घर भेज दिया गया। टीचर के ट्रांसफर के बाद से प्रदर्शन जारी गौरतलब है कि स्कूल के शिक्षक शंकरलाल जाट का तबादला अन्यत्र स्कूल में हो गया। जिससे नाराज विद्यार्थियों ने स्कूल के गेट के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। दो दिन तक नंदराय गांव पूरा बंद भी रहा था। स्कूल के विद्यार्थी शिक्षक का तबादला निरस्त करने की मांग पर अड़े हुए है। एसडीएम की समझाइश का कोई असर नहीं इससे पहले एसडीएम तान्या रिणवा बच्चों से समझाइश करने मौके पर पहुंची,लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद भी छात्रों ने आंदोलन जारी रखा। आज सुबह से स्कूल के अन्य छात्र-छात्राएं भी धरने में शामिल हो गए। स्कूल में करीब 600 स्टूडेंट्स है। स्कूल नहीं जा जाने ओर धरने पर बैठने से पढ़ाई ठप हो गई है। 12 जनवरी से जारी है विरोध प्रदर्शन स्कूल के भूगोल लेक्चरर शंकरलाल जाट का 11 जनवरी को ट्रांसफर कर भीलवाड़ा के राजेन्द्र मार्ग स्कूल भेज दिया गया। इससे नाराज छात्र सोमवार 12 जनवरी शाम करीब 4 बजे धरने पर बैठ गए। जब कोई अधिकारी सुनवाई के लिए नहीं पहुंचा तो छात्र रात को वहीं खाना खाकर टेंट और बिस्तर लगाकर सो गए। टीसी कटवाने को तैयार हुए स्टूडेंट्स ट्रांसफर से नाराज छात्र-छात्राएं बुधवार को टीसी कटवाने को तैयार हो गए। कड़ाके की ठंड और 8 डिग्री तापमान के बावजूद बच्चे तीन रातों से स्कूल के बाहर धरना स्थल पर ही सो रहे हैं। ग्रामीण और परिजन भी बच्चों का समर्थन करते हुए आंदोलन में साथ दे रहे हैं।


