भीलवाड़ा की एनडीपीएस कोर्ट ने अफीम तस्करी के मामले में एक तस्कर को दोषी मानते हुए 15 साल का कठोर कारावास को डेढ़ लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। इस दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह और 92 डॉक्यूमेंट पेश करने के बाद आरोप साबित किए। यह था मामला विशिष्ट लोक अभियोजक रामस्वरूप गुर्जर ने बताया कि 12 मई 2016 को तत्कालीन पुर थाना प्रभारी राम अवतार चौधरी नेशनल हाईवे 79 पर नाकाबंदी पर इसी दौरान चित्तौड़ की ओर से आ रहे एक मिनी ट्रक को को रूकवाने की कोशिश की तो ट्रक ड्राइवर पुलिस नाकाबंदी को देखकर ट्रक को लेकर भाग निकला,जिसका पीछा किया तो कुछ दूरी पर मिनी ट्रक को वहीं छोड़कर भाग निकला। तलाशी में मिला 638 किलो अफीम डोडा चूरा तलाशी लेने पर इसमें कट्टों और बोरियों में 638 किलो अफीम डोडा चूरा मिलात जिसे जब्त किया ओर एनसीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।जांच के दौरान यह ट्रक नासिर पिता बाबू खान मुसलमान निवासी नागौर का होना पाया गया, पुलिस ने इसे नागौर से गिरफ्तार किया और इसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट शीट पेश की। 12 गवाह और 92 डॉक्यूमेंट पेश करने के बाद सुनाया फैंसला अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह और 92 डॉक्यूमेंट पेश करने के बाद आज विशिष्ट न्यायाधीश एनडीपीएस कोर्ट जगदीश प्रसाद शर्मा ने नासिर को अवैध डोडा चूरा तस्करी के मामले में दोषी मानते हुए 15 साल का कठोर कारावास और डेढ़ लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया।


