भीलवाड़ा में शरद पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा और उत्साह से मनाया गया।शहर के पेच के बालाजी, संकट मोचन हनुमान मंदिर और दूधाधारी गोपाल मंदिर में देर रात भक्तो की भीड़ लगी,12 बजने के साथ ही महाआरती हुई ओर भक्तो को खीर प्रसाद वितरित किया।इससे पहले सुबह से ही विशेष आयोजन किए गए, मंदिरों में सैकड़ों लीटर दूध से खीर प्रसाद तैयार किया गया। पेच के बालाजी मंदिर में 501 लीटर दूध की खीर बनाई गई, संकट मोचन हनुमान मंदिर में 301 लीटर दूध खीर तैयार कर मध्यरात्रि में चांदनी रोशनी में रखा ओर महाआरती के बाद भोग लगाकर भक्तों में वितरित किया गया। पेच के बालाजी में 501 लीटर खीर का भोग बालाजी मार्केट स्थित बालाजी मंदिर के पुजारी आशुतोष शर्मा ने बताया कि शरद पूर्णिमा के पर्व को मंदिर में धूमधाम के साथ मनाया गया।सुबह हनुमान जी के वाल्मीकि सुंदरकांड ओर दुर्गा अभिषेक के बाद हनुमान जी का रजत चोला श्रृंगार, श्री राम दरबार का श्रृंगार करने के साथ ही भजनों की प्रस्तुति और 501 लीटर दूध की खीर बनाने के इसे चंद्रमा की धवल रोशनी में रखा गया ओर रात 12 बजे महाआरती के बाद भक्तों में इस प्रसाद का वितरण किया गया,बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचे ओर प्रसाद पाया । संकट मोचन हनुमान मंदिर में 301 लीटर खीर श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर में शरद पूर्णिमा पर 301 लीटर दूध से बनी खीर का भोग लगाया गया । मध्य रात्रि में हनुमान जी की विशेष आरती और श्रृंगार के साथ भक्तों को खीर प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज के सानिध्य में मंदिर में हनुमान जी महाराज की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार किया।मध्य रात्रि में विशेष आरती हुई ओर उसके बाद खीर प्रसाद का भोग लगा l सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।बड़ी संख्या में यहां भक्तो की भीड़ लगी,सभी को लाइन लगाकर प्रसाद दिया गया। चन्द्रमा के बीच नजर आए ठाकुर जी शरद पूर्णिमा के मौके पर सांगानेरी गेट स्थित दूधाधारी गोपाल मंदिर में ठाकुर जी का धवल पोशाक और रजत मुकुट से श्रृंगार किया गया। पुजारी कल्याण शर्मा ने बताया कि मंदिर परिसर में रासमंडल की झांकी सजाई गई, ठाकुर जी ओर राधा रानी के दर्शन चंद्रमा के बीच में से हुए।रात 12 बजे गोपेश्वर महादेव जी की आरती के बाद ठाकुर जी को खीर प्रसाद का भोग लगाया ओर भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया।


