भीलवाड़ा शहर में राजस्थान हाउसिंग बोर्ड के खाली पड़े मकानो के नाम पर ठगी करने वाले एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसने शहर के पटेलनगर विस्तार, चंद्रशेखर आजादनगर सहित अन्य क्षेत्रों में खाली पड़े मकान भीलवाड़ा से बाहर के लोगों को दिखाकर उन्हें 5 से 10 गुना कम रेट में बेच कर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। फर्जी लेटर पैड पर फर्जी सील लगाई इस व्यक्ति ओर इसके साथ शामिल कुछ ओर लोगों ने हाउसिंग बोर्ड के नाम से फर्जी लेटरपैड पर अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर और सील लगाकर मकान का फर्जी आवंटन तक कर दिय लैटरपैड पर सचिव के नाम से हस्ताक्षर कर दिए जबकि हाउसिंग बोर्ड में सचिव की कोई पोस्ट ही नहीं होती।धोखाधड़ी ओर ठगी की एक रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने 10 लाख रुपए से ज्यादा की धोखाधड़ी करने के आरोपी मुकेश नराणीवाल को प्रतापनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह था मामला प्रतापनगर थाना प्रभारी राजपाल सिंह ने बताया कि जवाहरनगर में रहने वाले भगवतीलाल भाट ने मुकेश नराणीवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया जिसमे बताया की आरोपी मुकेश नराणीवाल ने भगवतीलाल और उसके भतीजे प्रदीपकुमार को दो मकानों के फर्जी आवंटन पत्र बताकर 10 लाख रुपए ले लिए। 26 जुलाई को प्रत्येक प्लॉट के पेटे 5-5 लाख रुपए जमा करवाने की बात कहकर 2-2 लाख ले लिए। बाद में दो मकानों के आवंटन होने की रसीदें लाकर 6 लाख और ले लिए। आवंटन पत्र मांगने पर की टालमटोल भगवती ने जब इससे आवंटन आदेश मांगा तो ये टालमटोल करने लगा। इस पर जब उन्होंने हाउसिंग बोर्ड जाकर पता किया तो आवंटन पत्र ओर रुपए की रसीदें फर्जी निकली। फिलहाल पुलिस आरोपी मुकेश से डिटेल पूछताछ में लगी है इसने कई लोगो को सस्ते मकानो का झांसा देकर फर्जी कागजात दिए हैं। इस तरह से देते ठगी की वारदात को अंजाम ठगी में शामिल बदमाश मकान खरीदने के इच्छुक साधारण परिवार के लोगों से संपर्क करते हैं। ऐसे लोगों में ज्यादातर फैक्ट्रियों में काम करने वाले बिहार-उत्तरप्रदेश या आसपास के जिलों के होते हैं। उन्हें चार से लेकर 10 गुना तक सस्ते में मकान दिलाने का झांसा देकर शहर की दूरस्थ कॉलोनियों और योजनाओं में लंबे समय से खाली पड़े मकान दिखाते हैं। मकान पसंद आने पर एडवांस राशि और दस्तावेज मांग लेते हैं। तीन से पांच लाख रुपए तक की राशि हाथ में आने के बाद ये फर्जी दस्तावेज देकर गायब हो जाते थे। हाउसिंग बोर्ड ऑफिस पहुंचे तो ठगी का पता चला हाउसिंग बोर्ड के नाम से पटेलनगर विस्तार क्षेत्र में मकानों का ठगों ने सौदा कर दिया। इसमें ई-नीलामी में 20 लाख रुपए में मकान आवंटन बताकर 5 लाख रुपए जमा करवाने का फर्जी ऑर्डर जारी कर दिया। इधर, समय पर मकान का कब्जा और मकान बेचने का दावा करने वाले नहीं मिलने पर लोग हाउसिंग बोर्ड पहुंच गए। यहां हाउसिंग बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि बोर्ड इस तरह के दस्तावेजों से मकानों का आबंटन नहीं करता।


