भीलवाड़ा की UIT लॉटरी प्रकरण राजस्थान सरकार के नगरीय विकास विभाग ने एक ऑर्डर जारी कर सहायक अभियंता रविश श्रीवास्तव को APO कर दिया हालांकि इसके पीछे प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया गया है। प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर एपीओ किया एक नए सरकारी आदेश के अनुसार, भीलवाड़ा में तैनात सहायक इंजीनियर रविश श्रीवास्तव का तुरंत प्रभाव से तबादला कर दिया गया है। प्रशासनिक कारणों से उन्हें अभी कोई नई जिम्मेदारी (पोस्टिंग) नहीं दी गई है, बल्कि उन्हें जयपुर सचिवालय (हेडक्वार्टर) भेज दिया गया है। जब तक अगला आदेश नहीं आता, उन्हें जयपुर के नगर विकास विभाग में अपनी हाजिरी देनी होगी। हाईकोर्ट में दायर है लॉटरी के खिलाफ याचिका श्रीवास्तव यूआईटी की ऑन लाइन लॉटरी में मुख्य सूत्रधार थे, और उन्हीं के द्वारा इस लॉटरी को संपादित करवाया गया था। लॉटरी खोलने के साथ ही इसमें लगातार विवाद और कई गड़बडिय़ों की शिकायत मिली थी, हाईकोर्ट में लॉटरी प्रक्रिया पर रोक लगाने को लेकर याचिका भी दायर की गई है। जिला कलेक्टर ने इस लॉटरी की गड़बड़ी को जांचने के लिए एक टीम का गठन भी किया था। लॉटरी गड़बड़ी के चलते मानी जा रही कार्रवाई हालांकि टीम का कोई ठोस नतीजा नहीं आया था और उन्होंने लॉटरी की ऑनलाइन प्रक्रिया वाले सॉफ्टवेयर को क्लीन चिट दी थी। भीलवाड़ा की जनता के लगातार विरोध प्रदर्शन के बाद यूआईटी के अधिकारियों ने भी ऑन लाइन प्रक्रिया में टेक्निकल एरर की बात को स्वीकार किया था। यूडीएच मंत्री जब्बर सिंह ने इस मामले में जांच ओर दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की बात कही थी, भीलवाड़ा की जनता श्रीवास्तव के एपीओ को इसी कार्रवाई का हिस्सा मान रही है।


