CBI ने महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी बनाया है। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि सेंट्रल एजेंसियां मेरी राजनीतिक हत्या करना चाहती हैं, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि 18 दिसंबर 2024 को FIR हुई थी, लेकिन इसे 1 अप्रैल 2025 को सार्वजनिक किया गया। बघेल ने सवाल किया कि अगर महादेव ऐप इलीगल है तो अब तक बंद क्यों नहीं किया गया? और अगर लीगल है तो प्रोटेक्शन मनी का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि CBI की FIR में मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर का नाम उनके बाद है, लेकिन जिनके नाम से पूरा संचालन हो रहा है, शुभम सोनी, उसका नाम FIR में नहीं है। FIR कब हुई, कब सामने आई? बघेल ने कहा कि इस मामले में FIR तो 18 दिसंबर 2024 को दर्ज हो चुकी थी, लेकिन इसे सार्वजनिक करने में पूरे साढ़े तीन महीने लगा दिए गए। 1 अप्रैल 2025 को अचानक इसे सार्वजनिक किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि FIR ED और CBI के बीच इधर-उधर घूम रही है, लेकिन भारत सरकार के पास ऑनलाइन गैंबलिंग को लेकर कोई ठोस कानून ही नहीं है। “अगर बेटिंग लीगल है, तो प्रोटेक्शन मनी का सवाल ही नहीं उठता। और अगर ये इलीगल है, तो महादेव ऐप अभी तक चालू कैसे है?” शुभम सोनी गायब, लेकिन भूपेश बघेल आरोपी? भूपेश बघेल ने FIR में दर्ज नामों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि FIR में सबसे पहले रवि उप्पल का नाम है, 6वें नंबर पर उनका (भूपेश बघेल) नाम, और 8वें नंबर पर सौरभ चंद्राकर का नाम है। लेकिन शुभम सोनी – जो खुद को इस पूरे रैकेट का मालिक बताता है, सोनी के सिर्फ एक बयान के आधार पर उन्हें आरोपी बना दिया गया, लेकिन असली मास्टरमाइंड को बचाया जा रहा है। कथावाचक प्रदीप मिश्रा पर उठाए सवाल पूर्व सीएम ने बीजेपी नेताओं के साथ कथावाचक प्रदीप मिश्रा की मुलाकात पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “महादेव ऐप से करोड़ों का सट्टा चल रहा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। विष्णुदेव साय खुद कथावाचक प्रदीप मिश्रा से मिलकर आए, लेकिन उनसे कोई पूछताछ नहीं हुई। आखिर बीजेपी सरकार किसे बचा रही है?” 74 FIR, 200 गिरफ्तारियां – फिर भी हमें ही टारगेट किया जा रहा” भूपेश बघेल ने बताया कि महादेव सट्टा ऐप पर उनकी सरकार ने लगातार कार्रवाई की थी। “मोदी-शाह के दौरे से पहले क्यों होती है रेड?” भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार की रणनीति पर तंज कसते हुए कहा, “जब-जब मोदी और शाह छत्तीसगढ़ आते हैं, उसके पहले CBI-ED का एक दौरा जरूर हो जाता है। जब पीएम आने वाले थे, तब ED ने रेड मारी, अब अमित शाह आने वाले हैं तो महीनों पुरानी FIR को अचानक सामने ला दिया गया। आखिर ये मोगैंबो खुश हुआ टाइप ड्रामा क्यों?” बघेल ने कहा कि – “गिरफ्तार करना है तो कर लो, मुझे कोई डर नहीं है। पहले भी नहीं भागा था, अब भी नहीं भागूंगा।” पूर्व सीएम ने केंद्र सरकार से कुछ सवाल पूछे – “CBI को 7 साल बाद भी कुछ नहीं मिला, इसलिए बौखलाहट में ये सब हो रहा” भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें हाल ही में पंजाब का कांग्रेस प्रभारी बनाया गया है, और इसी वजह से उनके खिलाफ ये सब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि CBI ने 7 साल तक CD कांड की जांच की, लेकिन चार्जशीट तक फाइल नहीं कर पाई। कोर्ट ने मुझे पूरी तरह डिस्चार्ज कर दिया। अब केंद्र सरकार बौखलाहट में नई-नई चालें चल रही है।”


