भास्कर न्यूज | जामताड़ा उपायुक्त रवि आनंद ने गुरुवार को भू-अर्जन से संबंधित सभी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में उपायुक्त ने कई परियोजनाओं में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक के दौरान उपायुक्त ने रैयतों के मुआवजा भुगतान, जमीन अधिग्रहण, वाउचर कलेक्शन, भुगतान की अद्यतन स्थिति और वैल्युएशन प्रक्रिया जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने रूपनारायणपुर से पोखरिया मोड़ तक के पथ निर्माण कार्य से जुड़े मौजों में भू-अर्जन की स्थिति पर विस्तार से जानकारी ली। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लंबित मामलों के निपटारे के लिए लगातार कैंप आयोजित किए जाएं और बचे हुए रैयतों को शीघ्र मुआवजा भुगतान सुनिश्चित किया जाए। समीक्षा के क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के प्रतिनिधि की बैठक में अनुपस्थिति पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, यह स्पष्ट है कि संबंधित अधिकारी परियोजना में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। उपायुक्त ने इस संबंध में पत्राचार कर विभाग को सूचना भेजने का निर्देश दिया। इसके अलावा, करमाटांड़ लहरजोरी पथ और रेलवे ओवरब्रिज निर्माण परियोजना में भी जमीन अधिग्रहण एवं मुआवजा भुगतान में हो रही सुस्ती पर नाराजगी जताई। उन्होंने भू-अर्जन कार्यालय द्वारा संचिका अग्रसारण में लापरवाही और शिथिलता पर सख्त रुख अपनाते हुए स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि परियोजना के तहत जमीन और स्ट्रक्चर के वैल्युएशन में पारदर्शिता और गति दोनों आवश्यक हैं, ताकि विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें। बैठक में अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, अंचल अधिकारी जामताड़ा अबिश्वर मुर्मू, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल विक्की रविश मुर्मू, साइट इंजीनियर ऋषिकेश नारायण समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


