धार की ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को होने वाला सत्याग्रह इस बार बिना तेल चित्र के आयोजित किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने हिंदू समाज द्वारा लाए जा रहे एक नए तेल चित्र को जब्त कर लिया, जिसके बाद यह स्थिति बनी। भोजशाला में कई वर्षों से मां वाग्देवी और बजरंगबली के तेल चित्र के साथ पूजा-अर्चना और नियमित सत्याग्रह होता रहा है। हिंदू समाज का कहना है कि पुराना चित्र काफी पुराना हो चुका था, इसलिए उसकी जगह पूजा के लिए नया चित्र लाया जा रहा था। प्रशासन ने इसे जब्त कर लिया। इसके बाद लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और तेल चित्र लौटाने की मांग की। ASI अधिकारियों ने लोगों को रोका
मंगलवार को जब हिंदू समाज नया तेल चित्र भोजशाला के अंदर ले जा रहा था, तो ASI अधिकारियों ने उसे रोक दिया और चित्र को अपने कब्जे में ले लिया। इस घटना के बाद, मंदिर के अंदर हिंदू समाज ने पहली बार बिना किसी तेल चित्र के ही पूजा-अर्चना की और सत्याग्रह किया। भोज उत्सव समिति ने ASI की इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। समिति ने इसे “हिंदू समाज का अपमान” बताते हुए ASI से शाम तक तेल चित्र वापस लौटाने की मांग की। समिति का यह भी कहना है कि वर्षों से मंगलवार का सत्याग्रह तेल चित्र की उपस्थिति में ही होता आया है, लेकिन इस बार यह परंपरा पूरी नहीं हो सकी। इस मामले में ASI अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल, जब्त किया गया तेल चित्र ASI के पास ही है। वहीं हिंदू समाज के लोगों ने इसे शीघ्र वापस लौटाने की मांग की है।


