धार की भोजशाला में शुक्रवार को नमाज अदा की गई। आगामी बसंत पंचमी को देखते हुए इस बार बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के नमाजी भोजशाला पहुंचे। अगले शुक्रवार को बसंत पंचमी है, जिस दिन भोजशाला में पूजा और नमाज दोनों होनी है। इसी कारण आज सामान्य शुक्रवार की तुलना में अधिक नमाजी उपस्थित थे। इनमें धार शहर के अलावा बाहर से आए लोग भी शामिल थे। बोले- 800 सालों से हो रही नमाज
नमाज के बाद मुस्लिम प्रतिनिधियों से बसंत पंचमी पर होने वाले आयोजनों और नमाज के संबंध में बात की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि नमाज उनका अधिकार है। उन्होंने आर्कियोलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के 1935 के आदेश का हवाला दिया, जिसमें इसे कमाल मौला मस्जिद बताया गया है और नमाज निरंतर जारी रहने की बात कही गई है। प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि यहां नमाज सिर्फ कुछ सालों से नहीं, बल्कि पिछले 800 सालों से होती आ रही है। उन्होंने धार में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की बात भी दोहराई। जब उनसे पूछा गया कि क्या धार शहर की शांति और कानून व्यवस्था को देखते हुए मुस्लिम समाज एक दिन नमाज़ का त्याग नहीं कर सकता, तो उन्होंने जवाब दिया कि मुस्लिम समाज शांति व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि उस दिन नमाजियों की संख्या इतनी भारी नहीं होगी, लेकिन नमाज की परंपरा को तोड़ा नहीं जा सकता और नमाज अदा की जाएगी।


