मध्यप्रदेश में बर्फीली हवाओं से ठिठुरन बढ़ गई है। भोपाल-इंदौर समेत प्रदेश के ज्यादातर जिलों में शुक्रवार को कोहरा छाया रहा। दिनभर सर्द हवाएं चली। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। 18 जिलों में कोल्ड डे रहा। रायसेन सबसे ठंडा रहा। यहां दिन का तापमान 18.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। ग्वालियर में शनिवार को नर्सरी से 8वीं तक के स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। साथ ही आंगनबाड़ी में भी बच्चों की छुट्टी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, ग्वालियर-चंबल में अगले 2 दिन कोहरा रहेगा जबकि भोपाल, इंदौर-उज्जैन में बादल छाए रहेंगे। 19-20 जनवरी से ठंड का असर फिर बढ़ेगा। इधर, प्रदेश में सर्दी की वजह से दो बुजुर्गों की मौत होना बताया जा रहा है। दतिया में गुरुवार रात ठंड लगने से दोनों मरीजों को ब्रेन हेमरेज हो गया। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। आरएमओ डॉ. डीएस तोमर ने बताया कि दोनों बुजुर्ग पहले से शुगर और ब्लड प्रेशर के मरीज थे। कब होता है कोल्ड डे
मौसम विभाग के मुताबिक, जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे पहुंच जाता है और अधिकतम तापमान मौसम के सामान्य तापमान से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है, तो उसे कोल्ड-डे कहते हैं। शुक्रवार के मौसम की तस्वीरें.. एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा
मौसम विभाग ने 18 जनवरी से अगले वेस्टर्न डिस्टरबेंस के एक्टिव होने की संभावना जताई है। यह उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित करेगा। इसका असर हिमालय की तरफ भी रहेगा। जिससे बर्फीली हवा की रफ्तार बढ़ जाएगी, जो मध्यप्रदेश में भी आकर ठिठुरन बढ़ा देगी। इंदौर में एयर इंडिया की फ्लाइट 18 घंटे लेट
इंदौर एयरपोर्ट पर कोलकाता से आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट 18 घंटे लेट हो गई। गुरुवार रात आने वाली फ्लाइट यहां शुक्रवार को आ सकी। इंदौर में कोहरा होने की वजह से उसे अहमदाबाद डायवर्ट कर दिया था। रात में फ्लाइट को कैंसल कर दिया। इसे लेकर यात्रियों ने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर हंगामा किया। ग्वालियर में कोहरे से दो सड़क हादसे
ग्वालियर के एक बोलेरो वाहन ने बाइक सवार किसान को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद वह हवा में उछलकर सड़क पर गिरा। सिर में गंभीर चोट आने पर उसकी मौत हो गई। सत्यभान सिंह गुर्जर (25) गुरुवार देर रात घर से खेत जाने के लिए निकला था। दूसरा हादसा बरेठा टोल के पास घुरैया मार्केट में हुआ। तेज कोहरे के कारण स्विफ्ट कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। उसमें आग लग गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार में सवार चार युवकों को बाहर निकालकर उनकी जान बचा ली। सिंगरौली में कोयला जलाकर सोए दंपती, पति की मौत
सिंगरौली जिले के सिद्धि कला खुर्द गांव में ठंड से बचने के लिए कमरे में कोयला जलाकर सोए दंपती में से पति की मौत हो गई। वहीं पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना गुरुवार रात की है, जब लक्ष्मण प्रसाद कुशवाहा और उनकी पत्नी माया कुशवाहा अपने पक्के मकान के कमरे में ठंड से बचने के लिए कोयला जलाकर सो गए। शुक्रवार सुबह जब दोनों नहीं उठे और दरवाजा नहीं खोला, तो उनके बड़े बेटे चंदन ने दरवाजा तोड़कर देखा तो दोनों बेहोश पड़े थे। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्प्रेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्प्रेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 को हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 को पारा माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पारा
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री सेल्सियस रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 में कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्प्रेचर 2 से 5.8 डिग्री तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक बारिश 2.2 इंच 1994 में हुई थी।


