महात्मा गांधी जयंती (2 अक्टूबर) के अवसर पर एम्स भोपाल ने अपने पहले साइक्लोथन का सफल आयोजन किया। इसके साथ ही ‘एम्स भोपाल साइक्लिंग क्लब (ABC)’ की आधिकारिक शुरुआत की गई। जिसमें प्रदेशभर से आए 300 से अधिक साइक्लिस्टों ने भाग लिया। साइक्लोथन का शुभारंभ मुख्य अतिथि ज्योति रातरे (उद्यमी, फिटनेस उत्साही और माउंट एवरेस्ट विजेता) ने किया। विशेष अतिथियों में संदेश जैन (उप निदेशक, एम्स भोपाल), अखिल पटेल (आईपीएस), डीसीपी क्राइम भोपाल और वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी, प्रो. (डॉ.) अमित अग्रवाल, प्रो. (डॉ.) रेहान उल हक और प्रो. (डॉ.) विकास गुप्ता मौजूद रहे। 12 किमी चलाई साइकिल, फिटनेस जरूरी का दिया मैसेज सुबह 7 बजे फ्लैग-ऑफ के साथ शुरू हुए इस साइक्लोथन में लगभग 300 प्रतिभागियों ने 12 किलोमीटर के रास्ते पर साइक्लिंग की। इस दौरान स्वस्थ जीवन, महिला सशक्तिकरण और पारिवारिक स्वास्थ्य का संदेश दिया गया। एम्स के डिप्टी डायरेक्टर संदेश जैन ने कहा, इस क्लब और साइकिल रैली का उद्देश्य- यह मैसेज देना था कि फिटनेस जरूरी है। व्यक्ति इसमें जितना समय इंवेस्ट करता है, उससे कई गुना अधिक रिटर्न मिलता है। डिप्टी डायरेक्टर संदेश जैन ने आगे कहा कि यह पहल आज की जरूरत है। साइक्लिंग न केवल हृदय स्वास्थ्य, सहनशक्ति और मानसिक संतुलन के लिए फायदेमंद है, बल्कि मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापे जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम में भी मदद करती है। इसका समाज को होगा फायदा साइक्लिंग प्रदूषण और कार्बन फुटप्रिंट कम कर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देती है। एम्स भोपाल की यह पहल फिट, स्वस्थ और पर्यावरण-अनुकूल समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


