तस्वीर भोपाल के करोंद इलाके की है। यहां चैंबर तो एक है, लेकिन उसमें पानी और सीवेज की 2 लाइनें गुजरी है। ऐसे में पानी की लाइन में प्रदूषित पानी जाने का डर है। इसे लेकर कांग्रेस ने भी विरोध जताया। गुरुवार को कांग्रेस नेता करोंद पहुंचे और लापरवाही की तस्वीर दिखाई। कहा कि यहां लोग प्रदूषित पानी पी रहे हैं। नगर निगम तत्काल समस्या का हल करें। वर्ना, इंदौर के भागीरथपुरा की राह पर भोपाल पहुंच जाएगा। इंदौर में हुए मामले के बाद भोपाल में भी इंजीनियर ऐसी लाइनों को ढूंढ रहे हैं। महापौर मालती राय ने सब इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और सुपरवाइजरों को निरीक्षण करने को कहा है। वहीं, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री को नजर रखने को कहा है। जिससे पता चल सके कि कहीं दूषित पानी की सप्लाई तो नहीं की जा रही है। निरीक्षण के बाद रिपोर्ट देने के आदेश भी दिए हैं। कई जगहों पर मटमैले पानी की शिकायत
जानकारी के अनुसार, कई जगहों पर एचएफए योजनाओं, जेएनएनयूआरएम, अवैध कॉलोनियों, झुग्गियों, हाउसिंग बोर्ड और बीडीए कॉलोनियों में सीवेज-पानी लाइनें आसपास ही है। वहीं, करोंद, ईदगाह हिल्स व 12 नंबर क्षेत्र की मल्टियों में वाल्व सीवेज में डूबे रहते हैं। इसके चलते नगर निगम कॉल सेंटर और सीएम हेल्पलाइन पर हर महीने गंदे पानी की औसत 10 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। ईदगाह हिल्स के वाजपेयी नगर, करोंद की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, रोशनपुरा और नीलबड़ की स्वास्तिक नगर कॉलोनी के रहवासियों ने भी गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत की है। लोगों का कहना है कि नलों से बदबूदार और मटमैला पानी आता है, जिसे इस्तेमाल करना मुश्किल हो जाता है। पहले दिन 300 सैंपल लिए
इंदौर की घटना के बाद निगम के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर उदित गर्ग ने अमले को अलर्ट किया। बुधवार को शहर में ओवरहेड टैंक और घरों से 300 से ज्यादा पानी के सैंपल लिए थे। गुरुवार को भी ये काम चला। शाम तक सैकड़ों सैंपल लिए जा चुके थे। कांग्रेसी बोले-एक ही चैंबर से सप्लाई
इंदौर मामले के बाद भोपाल में भी प्रशासन अलर्ट है। दूसरी ओर, कांग्रेसी भी गली-मोहल्लों में घूमकर स्थिति का पता लगा रहे हैं। गुरुवार को कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला के साथ स्थानीय पार्षद एवं नागरिकों ने जल स्रोत का निरीक्षण कर नगर निगम से इस मामले में तुरंत एक्शन लेने की मांग की है। शुक्ला ने आरोप लगाया है कि लंबे समय से इस मामले की शिकायत नगर निगम से की गई, लेकिन नागरिकों की सुनवाई नहीं हुई है। यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो भोपाल में भी इंदौर की तरह अनहोनी होने की आशंका बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नरेला एवं करोंद इलाके के रहवासी क्षेत्रों में नगर निगम ने सीवेज बनाने के लिए चैंबर बनाए थे और बाद में वाटर सप्लाई लाइन भी इन्हीं में से निकाल दी। उस वक्त भी जनता ने इसका विरोध किया था, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्ला ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो नगर निगम आयुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस मौके पर पार्षद मो रियाज, दानिश शब्बीर खान, कमरुद्दीन दाऊदी, अमित खत्री, आशीष ओझा, बाबर खान, सद्दाम पठान, जाहिद शेख, अनीस सलमानी, उमर अली आदि मौजूद रहे।


