भोपाल की वोटर लिस्ट से हटेंगे 4 लाख 7944 वोटर्स!:मंत्री कृष्णा गौर की विधानसभा से सबसे ज्यादा शिफ्ट हुए मतदाता; नरेला में मृतकों की संख्या ज्यादा

भोपाल की वोटर्स लिस्ट से 4 लाख 7944 वोटर्स हट सकते हैं। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में ये वोटर्स या तो अपने पत्ते पर नहीं मिले, या फिर और कहीं शिफ्ट हो गए। इनमें से 31 हजार से ज्यादा मतदाता मृत भी हो चुके हैं। इस वजह से वोटर लिस्ट से इन्हें हटाने की कार्रवाई होगी। प्रदेश सरकार में मंत्री कृष्णा गौर की गोविंदपुरा विधानसभा में 61 हजार से ज्यादा वोटर शिफ्ट हुए हैं। वहीं, मंत्री विश्वास सारंग की विधानसभा नरेला में 5679 वोटर मृत मिले। हुजूर विधानसभा में भी मृत वोटर की संख्या 5 हजार से ज्यादा है। बता दें कि भोपाल में एसआईआर के डिजिटलाइजेशन का काम पूरा हो चुका है। कुल 17 लाख 17 हजार 981 वोटर्स के फॉर्म डिजिटलाइज किए गए। दूसरी ओर, 2 लाख 23 हजार वोटर्स ऐसे मिले, जिनका 2003 की वोटर्स लिस्ट के अनुसार डेटा नहीं मिला है। कुल 10.5 प्रतिशत वोटर्स को ‘नो मेपिंग’ के दायरे में रखा गया है। इनका रिकॉर्ड 50 दिन के अंदर जिला प्रशासन ढूंढेंगा। यदि रिकॉर्ड नहीं मिलता है तो नाम भी काटे जाएंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि नो मेपिंग के मतदाताओं की 50 दिन तक सुनवाई की जाएगी। प्रत्येक विधानसभा में अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है। जिले में 100 सहायक रजिस्ट्रकरण अधिकारी रहेंगे। ताकि, वे हर मतदाता की सुनवाई कर सकें। 16 दिसंबर को मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। इसके बाद यह प्रक्रिया शुरू होगी। बीएलओ फार्म लेंगे। नए मतदाता भी अपने नाम जुड़वा सकेंगे। जिनका डेटा नहीं मिलेगा, उनके विरुद्ध प्रक्रिया अनुसार कार्रवाई की जाएगी। ‘नो मेपिंग’ के साथ ऐसे डेटा भी सामने आया है, जिसमें मृत, गायब, शिफ्ट हो चुके मतदाता शामिल हैं। इसमें 12 हजार 501 ऐसे मतदाता भी मिले, जिनके नाम पहले से वोटर लिस्ट में दर्ज हैं। इन चारों कैटेगरी को मिलाकर कुल 4 लाख 7944 मतदाता शामिल हैं। अब इन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इनमें सबसे ज्यादा 99 हजार 141 वोटर गोविंदपुरा विधानसभा के हैं। दूसरे नंबर पर हुजूर, तीसरे पर नरेला, चौथे पर भोपाल मध्य, पांचवें पर भोपाल दक्षिण-पश्चिम, छठवें पर भोपाल उत्तर और आखिरी व सातवें पर बैरसिया विधानसभा है। गोविंदपुरा में शिफ्टिंग ज्यादा, नरेला में 5679 मृत मिले सबसे ज्यादा नो मेपिंग नरेला विधानसभा में
सबसे ज्यादा नो मेपिंग नरेला विधानसभा से है। यहां पर कुल 54 हजार 667 यानी, 15.41 प्रतिशत वोटर्स को इस दायरे में रखा गया है। सबसे कम बैरसिया में सिर्फ 3162 वोटर्स हैं, जो 1.25 प्रतिशत है। भोपाल उत्तर में 26 हजार 702, भोपाल दक्षिण-पश्चिम में 32 हजार 376, भोपाल मध्य में 27 हजार 308, गोविंदपुरा में 46 हजार 178 और हुजूर विधानसभा में 33 हजार 513 वोटर्स है। इस तरह कुल 2 लाख 23 हजार 905 वोटर्स ‘नो मेपिंग’ में शामिल हैं। 4 नवंबर से शुरुआत, पर असली काम 19 नवंबर से
एसआईआर का काम 4 नवंबर से शुरू हुआ था, जो 9 दिसंबर तक चलना है। सबसे पहले बैरसिया विधानसभा ने टारगेट पूरा किया। इसके बाद हुजूर, उत्तर और मध्य ने भी काम निपटा लिया है। रविवार को बाकी विधानसभाओं ने भी 100 प्रतिशत काम पूरा कर लिया। भोपाल की सात विधानसभा सीटों में 21 लाख 25 हजार 908 वोटर हैं। 19 नवंबर तक की स्थिति में फॉर्म की वापसी का प्रतिशत 7.37 ही था। वहीं, 7 दिसंबर की शाम तक यह 100 प्रतिशत हो गया। समझाइश, फटकार, कार्रवाई और सम्मान भी
एसआईआर के काम में लापरवाही बरतने पर एक दर्जन से ज्यादा बीएलओ पर कार्रवाई भी हो चुकी है। वहीं, अब काम पूरा करने वाले बीएलओ को सम्मानित भी किया जा रहा है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने रविवार को भो बीएलओ का सम्मान किया। वहीं, दो दिन पहले काम पूरा करने पर बैरसिया के बीएलओ को बड़ा तालाब में शिकारा नाव की सैर करवाई गई थी।

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