भोपाल के 5 नंबर मार्केट के प्रोजेक्ट को हरी झंडी:होईकोर्ट ने याचिका खारिज की; ₹500 करोड़ से री-डेवलपमेंट होगा

राजधानी भोपाल के 5 नंबर बस स्टॉप स्थित रविशंकर शुक्ल मार्केट के री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट का रास्ता साफ हो गया है। इस प्रोजेक्ट को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। जानकारी के मुताबिक, याचिका पांच नंबर बस स्टॉप के पास रहने वाले 12 लोगों की तरफ से दायर की गई थी। इस याचिका में आरोप था कि एमपी हाउसिंग री-डेवलेपमेंट पॉलिसी-22 के नियमों को ताक पर रख कर यह प्रोजेक्ट निर्माण किया जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा है कि हाउसिंग बोर्ड इस प्रोजेक्ट को एमपी हाउसिंग री-डेवलेपमेंट पॉलिसी-22 के तहत कर रहा है। याचिका में इस पॉलिसी को कोई चुनौती नहीं दी ग है। किसी को व्यक्तिगत असुविधा हो सकती है, लेकिन इस आधार पर व्यापक सार्वजनिक हित के कार्यों को नहीं रोका जा सकता। इस आदेश के बाद 45 साल पुराने जर्जर हो चुके आरएसएस मार्केट के री-डेवलपमेंट का रास्ता साफ हो गया है। 165 मकानों में से 136 ने एग्रीमेंट कर घर खाली किया
नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित कर दिए गए 45 साल पुराने आरएसएस मार्केट में कुल 165 मकान हैं। इसमें से 130 घर आमजन के हैं। जिसमें में से 101 रहवासियों ने बोर्ड के साथ एग्रीमेंट कर घर खाली कर दिया है। बाकी 35 मकान हाउसिंग बोर्ड व अन्य शासकीय विभागों के हैं। जिन लोगों ने मकान खाली कर दिया है। उन लोगों को हाउसिंग बोर्ड ने किराया देना भी शुरू कर दिया है। नई दुकानें बनकर तैयार, जल्द शुरू होगी शिफ्टिंग
इस प्रोजेक्ट में 65 दुकान भी है। इन्हें अस्थायी रूप से शिफ्ट करने के लिए हाउसिंग बोर्ड ने पास में ही नई दुकानें भी बना ली हैं। हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक दुकानों की शिफ्टिंग भी अगले एक हफ्ते के अंदर भी शुरू कर दी जाएगी। उसके बाद इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जर्जर घोषित किया जा चुका
राजीव गांधी टेक्निकल यूनिवर्सिटी ने आरएसएस मार्केट के भवनों का स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी टेस्ट किया था। इस रिपोर्ट में 45- 50 साल पुरानी इस इमारत को पूर्णत जीर्ण-शीर्ण बताया था। नगर निगम ने भी इस इमारत को जर्जर घोषित कर दिया। लिहाजा, इसे री-डेवलेपमेंट प्रोजेक्ट के तहत नए सिरे से विकसित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट पर हाउसिंग बोर्ड करीब 500 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। नए प्रोजेक्ट में 20 मंजिला 8 टावर बनेंगे
री-डेवलपमेंट के तहत नए प्रोजेक्ट में यहां पर 20-20 मंजिला कुल 8 टावर बनेंगे। 1 बीएचके से लेकर 5 बीएचके तक के 380 फ्लैट और 129 दुकानें बनेंगी। अभी 65 दुकानें और 165 मकान हैं। नए प्रस्ताव के मुताबिक यहां वन बीएचके के 80, 2 बीएचके के 120, 3बीएचके के 40, 4 बीएचके के 120, 5 बीएचके के 20 फ्लैट और 129 नई दुकानें बनेंगी। इस तरह नए खरीदारों के लिए 215 फ्लैट और 64 नई दुकानें उपलब्ध होंगी।

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