RTO पूर्व आरक्षक सौरभ और शरद की तलाश:अविरल कंस्ट्रक्शन की जांच में होंगे खुलासे, गोल्ड की डिजाइन को लेकर ज्वेलर्स से पूछताछ

19-20 दिसम्बर 2024 की रात राजधानी के मेंडोरी में इनोवा कार से आयकर विभाग ने 52 किलो गोल्ड और कैश बरामद किया था। इस मामले में आयकर विभाग को आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी शरद जायसवाल की भी तलाश है। सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल की कम्पनी अविरल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड से विभाग को बड़े खुलासे की उम्मीद है। सौरभ के सामने आने के बाद ही यह क्लियर होगा कि वह सोना कहां से लाता था। आयकर विभाग ने बरामद बिस्किट की डिजाइन के आधार पर अब तक कई ज्वेलर्स से पूछताछ की है। टीम यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह गोल्ड किस देश या शहर से बुलाया गया होगा। हालांकि इस मामले में कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है। आयकर विभाग अब सौरभ शर्मा के मूवमेंट का इंतजार कर रहा है ताकि वह कहीं आए-जाए तो विभाग को उसकी जानकारी मिले और उसका बयान लिया जाए। समन के बाद भी नहीं आया शरद जायसवाल सौरभ शर्मा का सहयोगी रहा शरद जायसवाल भी गायब है। वह आयकर के समन के बाद भी बयान देने के लिए हाजिर नहीं हुआ है। इसलिए शरद की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शरद जायसवाल आयकर के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भी जांच के दायरे में है। दो फोटो में देखिए बरामद कैश और सोना… छापे के दो दिन पहले से बंद है सौरभ का मोबाइल आयकर विभाग की जांच के दायरे में आने के पहले सौरभ लोकायुक्त छापे की जद में आया था। जांच में यह बात सामने आई है कि उसका मोबाइल 16 दिसम्बर से बंद है। वह अपने लोगों से संपर्क करने के लिए अपने मोबाइल नम्बर का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। एनएलआईयू की ओर भी गई थी इनोवा कार जांच में आयकर विभाग को विनय असवानी के फॉर्म हाउस से बरामद इनोवा कार की नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट (एनएलआईयू) की ओर आने-जाने के बारे में भी पता चला है। विभाग एनएलआईयू की दिशा में कार के मूवमेंट की जांच करने की भी तैयारी में है। सौरभ के मौसेरे जीजा की भूमिका भी जांच के घेरे में है। अब तक की जांच में यह क्लियर हो चुका है कि विनय असवानी इनोवा कार को काफिले के रूप में ले गया था। आयकर विभाग ने मांगी लोकायुक्त पुलिस से जानकारी आयकर विभाग ने लोकायुक्त पुलिस से सौरभ शर्मा के यहां मारे गए छापे के बारे में जानकारी मांगी है। लोकायुक्त के यहां से मिली जानकारी के आधार पर आयकर विभाग अन्य दस्तावेज जुटाएगा और सौरभ की इनकम के सोर्स पता करेगा। गौरतलब है कि इसके पहले लोकायुक्त पुलिस संगठन भी आयकर विभाग को इसी तरह पत्र लिखकर जानकारी मांग चुका है। तीन एजेंसियों ने की थी छापे की कार्रवाई बता दें कि आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के यहां 9 दिन में तीन एजेंसियां ईडी, लोकायुक्त और आयकर विभाग ने छापे की कार्रवाई की थी। इस दौरान अब तक उसके पास 93 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी मिली है। इनमें कार में मिला 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश भी शामिल हैं। मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… RTO के पूर्व कॉन्स्टेबल के यहां मिले 2.85 करोड़ कैश भोपाल आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के यहां 1.15 करोड़ रुपए नकद, आधा किलो सोना, हीरे और 50 लाख रुपए के जेवरात, चांदी की सिल्लियां सहित प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं। जबकि उनके ऑफिस से 1.70 करोड़ रुपए कैश सहित प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले हैं। लोकायुक्त की टीम ने सौरभ शर्मा के अरेरा कॉलोनी स्थित घर पर गुरुवार सुबह सर्चिंग शुरू की थी। यह कार्रवाई रात 12.30 बजे तक चली। पूरी खबर पढ़ें 7 साल में करोड़पति बने कॉन्स्टेबल की इनसाइड स्टोरी लोकायुक्त और इनकम टैक्स ने पूर्व ट्रांसपोर्ट कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के ठिकानों से 3 करोड़ कैश और 2 करोड़ कीमत की 2 क्विंटल चांदी की सिल्ली, 10 किलो चांदी के जेवर और 50 लाख का सोना बरामद किया है। सौरभ इस समय दुबई में है। दैनिक भास्कर ने जब एक मामूली से परिवहन कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के पूरे करियर की परिवहन विभाग के सीनियर अफसरों से बात कर पड़ताल की, तो पता चला कि नौकरी लगने से लेकर उसके इस्तीफा होने तक की पूरी स्टोरी में सरकार की बड़ी कृपा रही है। कहने को वह एक कॉन्स्टेबल था, लेकिन मंत्री और अफसरों का सबसे चहेता था। पूरी खबर पढ़ें ईडी को सौरभ के यहां मिली 23 करोड़ की प्रॉपर्टी भोपाल में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के यहां 9 दिन में तीन एजेंसियां ईडी, लोकायुक्त और आयकर विभाग ने छापे मारे। कार्रवाई के दौरान अब तक उसके पास 93 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी मिली है। इनमें कार में मिला 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़े

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