भोपाल के सभी 85 वार्डों में मंगलवार को ‘जल सुनवाई’ होगी। पहली बार हो रही जल सुनवाई सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक 2 घंटे चलेगी। इसमें आमजन पानी से जुड़ी शिकायतें कर सकते हैं। मौके पर ही पानी के सैंपल भी लिए जाएंगे। ताकि, पता चल सके कि पानी दूषित तो नहीं है। इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से करीब 22 लोगों की मौत हो चुकी हैं। भोपाल के आदमपुर छावनी, वाजपेयी नगर और खानूगांव में भी दूषित पानी मिला है। जहां भूजल के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। प्रदेश के कई हिस्सों से दूषित पानी के सप्लाई की शिकायतें आ रही हैं। इसके चलते सरकार ने हर मंगलवार को जनसुनवाई की तर्ज पर ही जल सुनवाई शुरू करने का फैसला लिया है। इस मंगलवार को पहली बार जल सुनवाई होगी और अधिकारी एक्सपर्ट के साथ बैठकर लोगों की पानी से जुड़ी समस्याएं सुनेंगे। ये होगा जल सुनवाई में
जल के नमूनों का सामान्य मानकों रंग, स्वाद, गंध, पीएच, कुल क्षारीयता, क्लोराइड, कुल कठोरता, कैल्शियम कठोरता, मैग्निशियम कठोरता, टीडीएस, टरबीडिटी के साथ ही रेसिडुअल क्लोरीन, कोलीफार्म, ई-कोलाई आदि मानकों के आधार पर परीक्षण होगा। हर वार्ड कार्यालय में होगी सुनवाई
निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने सभी वार्ड ऑफिस में जल सुनवाई करने को कहा है। यहां लोग अपने पानी के नमूने भी दे सकेंगे।


