भोपाल जिले में अब भीख मांगना और देना अपराध माना जाएगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। यदि कोई व्यक्ति भीख मांगता है या देता है, तो उसके खिलाफ बीएनएसएस की धारा 163 के तहत कानूनी कार्रवाई होगी। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भिखारियों से कोई सामान खरीदना भी अपराध माना जाएगा। दो महीने पहले महिला बाल विकास विभाग और सामाजिक न्याय विभाग ने इसका प्रस्ताव तैयार किया था। जिसे जिला प्रशासन ने मंजूरी दी थी। सख्ती से पहले प्रशासन को 400 भिखारियों के लिए शेल्टर होम बनाना था। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आश्रय स्थल को इसके लिए चिह्नित किया है। एसडीएम कार्यालय की टीम चौराहे-तिराहे और सार्वजनिक स्थानों पर तैनात रहेगी। इसके अलावा यहां लगे सीसीटीवी कैमरे से भी निगरानी की जाएगी। इंदौर में पहले ही शुरू हो चुकी है सख्ती इंदौर में पहले ही भीख देने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। वहां 24 फरवरी को एक व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसी तरह, भोपाल में भी 25 जनवरी को एक युवक ने एमपी नगर थाने में एक भिखारी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया था। आरोप है कि भिखारी ने उसके साथ बदसलूकी की थी


