मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी भोपाल में मंगलवार को गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। इंदौर में बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर में लगातार बारिश और ठंड बढ़ने के चलते प्रशासन ने बुधवार को कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। राज्य के 15 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और बारिश हुई है। आगर-मालवा, गुना और शाजापुर में ओलावृष्टि हुई, जिससे किसानों को नुकसान पहुंचा है। कई जगह सड़कों पर पानी भर गया। ग्वालियर में 21.4 मिमी बारिश
ग्वालियर में मंगलवार दोपहर से बारिश का दौर जारी रहा। रात 8:30 बजे तक 21.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। ठंड और बारिश के चलते स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया। क्यों बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा और आसपास सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और उससे गुजर रही ट्रफ के कारण प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बनी है। इन जिलों में बारिश-आंधी
गुना, शाजापुर, बड़वानी, छतरपुर, मंदसौर, रतलाम, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, राजगढ़, शिवपुरी, ग्वालियर, टीकमगढ़, आगर-मालवा समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई।
रतलाम, शाजापुर और आगर में तेज आंधी से खड़ी फसलें खेतों में बिछ गईं। उज्जैन में ओले, गेहूं की फसल को नुकसान
उज्जैन के तराना और घट्टिया क्षेत्र में शाम को तेज बारिश के साथ ओले गिरे। ग्राम बनड़ा, बमोरी और आसपास के गांवों में गेहूं की फसल प्रभावित हुई। रात और बुधवार का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार रात को आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर, निवाड़ी और दतिया में ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली की चेतावनी दी है।
बुधवार को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड समेत 20 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। तस्वीरों में देखें ओले-बारिश…
फरवरी में भी होगी बारिश
उत्तर-पश्चिम भारत में अगला नया सिस्टम 30 जनवरी को एक्टिव हो रहा है। दो से तीन दिन बाद सिस्टम एमपी में भी असर दिखाएगा। यानी, फरवरी की शुरुआत में भी प्रदेश में बारिश का दौर रह सकता है। तापमान में गिरावट आएगी
बारिश-शीतलहर की वजह से प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने का अनुमान जताया है। इस वजह से कई शहरों में रात का तापमान फिर 10 डिग्री से नीचे आ जाएगा। राजगढ़, दतिया-शिवपुरी में सबसे ज्यादा ठंड
सोमवार को भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन समेत 20 से ज्यादा जिलों में कोहरा रहा। रीवा में कोहरा इतना घना था कि 50 मीटर बाद कुछ नहीं दिखा। वहीं, रविवार-सोमवार की रात में राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, दतिया-शिवपुरी में 8 डिग्री, पचमढ़ी में 8.2 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, श्योपुर में पारा 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 7.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 11.2 डिग्री, इंदौर में 12.2 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और जबलपुर में तापमान 13.6 डिग्री रहा।
ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड… भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचर
भोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पारा
इंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था तापमान
जबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडा
उत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पारा
उज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।


