भोपाल में वर्ग 1 (2023) भर्ती की दूसरी काउंसिलिंग में 20 हजार पदों की वृद्धि की मांग को लेकर 50 से अधिक अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। रानी कमलापति स्टेशन से अभ्यर्थी दंडवत मुद्रा में आगे बढ़ते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) पहुंचें। महिलाओं ने मुंडन कराने की बात कही। उनके पहुंचने से पहले ही अधिकारी वल्लभ भवन किसी मीटिंग में शामिल होने चले गए। इस वजह से कोई ज्ञापन लेने नहीं आया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी की, और गेट पर ज्ञापन चिपकाकर लौट गए। नए पदों की संख्या कम शिक्षकों का कहना है कि अब तक मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती के लिए केवल पात्रता परीक्षा आयोजित की जाती थी, लेकिन वर्ग 1 के रोस्टर में लगभग 45 प्रतिशत बैकलॉग हैं और नए (फ्रेश) पदों की संख्या कम होने के कारण, श्रेणीवार केवल 6 से 8 पद ही आवंटित हो पा रहे हैं। इस वजह से अच्छे अंक लाने के बावजूद कई अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि कई वर्षों से तैयारी करने के बाद वे अब अपने जीवन के अंतिम पड़ाव तक पहुंच चुके हैं। यह उनका अंतिम अवसर है। वर्ष 2018 से लंबे समय के इंतजार के बाद 5 साल बाद परीक्षा आयोजित की गई थी, फिर भी पद इतने कम क्यों हैं, यह उनका प्रमुख सवाल है। इनकी मांगें: देखे प्रदर्शन की तस्वीरें…


