भोरमदेव मंदिर सौंदर्यीकरण व विकास के लिए 146 करोड़ स्वीकृत

भास्कर न्यूज | कवर्धा स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव मंदिर के सौंदर्यीकरण व विकास कार्य के लिए 146 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। ये राशि भोरमदेव मंदिर, मड़वा महल एवं छेरकी मंदिर परिसर के संरक्षण व संवर्धन के लिए खर्च किए जाएंगे। ऐसा पहली बार है कि भोरमदेव मंदिर को केन्द्र सरकार से भारी भरकम बजट मिला है। रुपए मिलने के बाद अब यहां जल्द ही भूमिपूजन किया जाएगा। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन होना प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ केन्द्रीय पर्यटन संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का आगमन इस कार्यक्रम में होने जा रहा है। कार्यक्रम की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने भोरमदेव में कार्यक्रम, सभा स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम की प्रस्तावित रूपरेखा के अनुसार तैयारी की समीक्षा की। सभी संबंधित अधिकारियों को सारी आवश्यक व्यवस्था समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इस मौके पर जिपं उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, एडीएम विनय पोयाम, एसडीएम बोड़ला सागर सिंह राज समेत अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। भोरमदेव मंदिर परिसर का भव्य रूप से विकास किया जाएगा। 6 प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इनमें नागद्वार, पार्क, संग्रहालय और अन्य प्रमुख स्थानों पर विशेष द्वार होंगे। परिधि दीवारों का संवर्धन किया जाएगा। मंदिर के पास एक अत्याधुनिक और विशाल संग्रहालय बनेगा। इस योजना से स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े युवाओं को रोजगार मिलेगा। क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर संरक्षित रहेगी। इसमें पर्यटन, संस्कृति, रोजगार, विरासत संरक्षण पर भी फोकस है। मड़वा महल और छेरकी महल में प्रवेश द्वार व बाउंड्रीवॉल बनेगी। बोरवेल से पेयजल, शेड, बिजली, ड्रेनेज और पौधरोपण की व्यवस्था होगी। भोरमदेव से मड़वा महल और छेरकी महल तक की सड़क बनेगी। आसपास के तालाबों की सफाई, रामचुआ और सरोदा बांध का विकास, मंदिर परिसर में लाइटिंग और ऑडियो डिस्क्रिप्शन की व्यवस्था भी की जाएगी। राज्य सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दिया है। कार्यक्रम के लिए मुख्य मंच निर्माण, दर्शक दीर्घा, पार्किंग व्यवस्था, पेयजल सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेटिंग, पंडाल निर्माण व सभी व्यवस्था के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए है।

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