भास्कर न्यूज | केतार प्रखंड राज्य सरकार द्वारा महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई मंईयां सम्मान योजना से जहां सैकड़ों योग्य महिलाओं को इसका लाभ मिल रहा है। वहीं बड़ी संख्या में प्रखंड की ऐसी महिलाएं हैं, जिन्हें सारी पात्रता को पूरा करने के बावजूद अब तक योजना के लाभ से वंचित हैं। जबकि सैकड़ों ऐसी योग्य महिला हैं, जिन्हें शुरुआत में दो महीने 2500 रू की राशि मिली, लेकिन फिर मिलना बंद हो गया है। मंईयां सम्मान योजना के लाभ से वंचित दर्जनों महिलाएं सोमवार को प्रखंड कार्यालय केतार पहुंचकर बीडीओ से शिकायत की। योजना से वंचित महिलाओं ने सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सरकार को मंईयां योजना का लाभ देना है, तो सभी महिलाओं को दे अन्यथा योजना ही बंद कर दें। प्रखंड के ताली गांव की शक्ति देवी अपने एक वर्ष के दुधमुंहे बच्चे को लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंची थी। भीड़-भाड़ होने के कारण कुर्सी पर बैठने का जगह नहीं मिल सका। मजबूरन बच्चे को फर्स पर सुलाया और अपनी बारी आने का इंतजार करते दिखी, पूछने पर बताया कि मंईयां योजना का लाभ उसे नहीं मिल रहा है। इसका जांच कराने आई है। चौरा गांव से आई महिला चिंता देवी ने कहा की शुरुआत में मंईयां योजना का लाभ मिला था। लेकिन जब से इसकी राशि 2500 आना शुरू हुआ तब से खाते में पैसा आना बंद हो गया है। बांसडीह गांव की लैसा देवी , चौरा गांव के सजांती कुमारी ने बताया कि उन्होंने पंचायत भवन में लगे कैंप में फार्म भरी थी। लेकिन आज तक एक भी किश्त की राशि खाते में नहीं आई। परसोडीह के संंजू देवी ने बताया की मुझे सिर्फ एक बार 2500 रुपए खाते में आया है, उसके बाद से योजना का लाभ मिलना बंद हो गया है। खैरवा की रेशमा देवी ने बताया की तीन माह का 7500 रुपए की राशि एक बार खाते में आया है। उसके बाद से इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। अंततः निराश होकर महिलाएं घर लौटी। कम्प्यूटर आपरेटर सिराज अंसारी ने बताया की मंईयां योजना का साइड बंद है, जिस कारण सुधार और नया इंट्री नहीं किया जा सकता है।


