मंजिल गुरुकुल के प्रधानाचार्य को मिला शिक्षा शिरोमणि पुरस्कार:रेलवे के लोको पायलट डॉ. टी के महंत ने 12 साल में 25 युवाओं को दिलाई सरकारी नौकरी

मुंबई के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिभा सम्मान महासम्मेलन में छत्तीसगढ़ के डॉ. टंकेश कुमार महंत को शिक्षा शिरोमणि पुरस्कार से सम्मानित किया गया। डॉ. महंत रेलवे में लोको पायलट हैं और मंजिल गुरुकुल निःशुल्क शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य भी हैं। जांजगीर चांपा जिले के सारा थाना क्षेत्र के ग्राम कमरीद निवासी डॉ. महंत 2013 से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी करवा रहे हैं। उनकी मदद से अब तक 25 से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां हासिल की हैं। डॉ. महंत को मिला राष्ट्रीय सम्मान डॉ. महंत ने पिछले 12 वर्षों में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा प्रदान की है। वे बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करते हैं। इसके अलावा वे जरूरतमंद लोगों के लिए रक्तदान और रक्त की व्यवस्था में भी सहयोग करते हैं। ज्ञान उदय फाउंडेशन की संस्था रेडिएंट टैलेंट बुक ऑफ रिकॉर्ड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर के शिक्षा, साहित्य, चिकित्सा, नृत्य, कला, संगीत और समाज सेवा के क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। डॉ. महंत का कहना है कि यह पुरस्कार उन्हें समाज सेवा और युवाओं के मार्गदर्शन के लिए और अधिक प्रेरित करेगा।

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