भास्कर न्यूज | धमतरी श्री प्रेम प्रकाश मंडलाचार्य सद्गुरु स्वामी टेऊंराम महाराज के 139वें जन्मोत्सव पर चल रहे चालीहा महोत्सव के 39वें दिन सेवा, भजन और सत्संग के कार्यक्रम हुए। पांच दिवसीय जन्मोत्सव के तीसरे दिन सुबह जिला चिकित्सालय में भर्ती मरीजों को फल वितरित किए गए। शाम 4 बजे डांगीमाचा ग्राम गंगरेल स्थित गौशाला में 65 गुरुभक्त पहुंचे। संत लोकेश कुमार के सानिध्य में गो माता के चरण धोए गए। उन्हें वस्त्र पहनाए गए। माला पहनाकर आरती की गई। इसके बाद गुड़, रोटी, केले, खीरे, लौकी, पत्ते, चना और बेसन जैसी प्रिय वस्तुएं खिलाकर सेवा की गई। संत लोकेश कुमार ने कहा कि प्रभु सब जगह है, पर प्रेम से ही प्रकट होता है। प्रेम विहीन से दूर रहता है। प्रेम वाले के निकट होता है। विरह में व्याकुल हृदय प्रभु मिलन की प्यास से भर जाता है। तन की सुध भूल जाती है। आंखों से आंसू बहते हैं। प्रेम ही प्रभु मिलन का सरल साधन है। गुरुदेव टेऊंराम को प्रणाम है। आचार्यश्री ने अनुभव साझा किया कि प्रभु सर्वव्यापी है, पर प्रेम से ही दर्शन देता है। प्रेम से जुड़ा मन दर्शन को व्याकुल रहता है। विरह का भान होते ही आंखों से आंसू बहते हैं। ऐसी अवस्था में प्रभु से मिलन का मार्ग खुलता है। प्रेम ही एकमात्र सरल साधन है जिससे प्रभु शीघ्र प्रसन्न होता है। कन्या भोजन भी कराया गया: चालीहा महोत्सव के 39वें दिन प्रेम प्रकाश आश्रम में 139 कन्याओं के लिए भोज हुआ। कुल 160 कन्याओं को भोजन कराया गया।


